बीकानेर/जयपुर | राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने Bikaner जिले में अपनी अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक बड़े ‘नकली बीज सिंडिकेट’ का भंडाफोड़ किया है। एसीबी ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए कुल 2.44 करोड़ रुपये की भारी-भरकम घूस/हवाला की रकम बरामद की है। इस कार्रवाई में राजस्थान राज्य बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर बिश्नोई (Jugal Kishore Bishnoi) समेत 6 संदिग्धों को हिरासत में (डिटेन) लिया गया है। ब्यूरो को इनपुट मिला था कि गुजरात की कुछ कंपनियों के साथ सांठगांठ करके प्रदेश में मूंगफली, बाजरा, ग्वार, मूंग और मोठ जैसी फसलों के कम गुणवत्ता वाले (नकली) बीज बाजार में खपाने की बड़ी साजिश रची जा रही है और इसके लिए करोड़ों रुपये का लेनदेन हो रहा है।
इस भंडाफोड़ के पीछे एसीबी की एक महीने की लंबी और सटीक मॉनिटरिंग थी। एसीबी मुख्यालय ने बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और सीकर जिलों में सक्रिय संदिग्ध लोगों के करीब 20 मोबाइल नंबरों को सर्विलांस (इंटरसेप्ट) पर रखा था। इनमें से 6 लोगों की पुख्ता निगरानी शुरू की गई। इसी दौरान सूचना मिली कि रिश्वत की बड़ी रकम (90 लाख रुपए) श्रीगंगानगर ले जाई जा रही है। इस पर एक्शन लेते हुए एसीबी टीम ने बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर के भांजे स्वतंत्र ज्याणी को लूणकरणसर में एक बस से 85 लाख रुपये नकद के साथ धर दबोचा। इसके बाद जयपुर में जुगल किशोर को डिटेन कर लिया गया। नेटवर्क के अन्य गुर्गों में से सतपाल को फलोदी से, जबकि किरण तापड़िया, गणपत बिश्नोई और सुनील सेतिया को बीकानेर के अलग-अलग ठिकानों से पकड़ा गया है।
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी और बीज निगम का डायरेक्टर जुगल किशोर बिश्नोई, कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की ‘कोर टीम’ का सदस्य बताया जाता है। पिछले साल बीकानेर में नकली खाद-बीज और कीटनाशक बेचने वाली फर्मों पर हुई ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान जुगल किशोर कृषि मंत्री के साथ पूरी तरह सक्रिय नजर आया था। खाद-बीज के कारोबार पर उसकी गहरी पकड़ और अवैध धंधों को उजागर करने में दिखाई गई उसी सक्रियता के ईनाम स्वरूप, उसे इसी साल बीज निगम का डायरेक्टर मनोनीत किया गया था, लेकिन अब वह खुद ही इस करोड़ों के खेल में बेनकाब हो गया है। गौरतलब है कि कृषि विभाग ने पिछले साल भी इसी क्षेत्र में 70 क्विंटल नकली बीज जब्त कर कई नामी फर्मों पर ‘सीड्स कंट्रोल ऑर्डर’ के तहत बड़ी कार्रवाई की थी।