जयपुर: राजस्थान में नीट पेपर लीक (NEET 2026) का मामला अब पूरी तरह से सियासी दंगल में तब्दील हो चुका है। मुख्य आरोपी दिनेश बिंवाल के साथ भाजपा नेताओं की वायरल तस्वीरों ने विपक्ष को हमला करने का बड़ा मौका दे दिया है। जहां भाजपा इसे केवल एक इत्तेफाक बता रही है, वहीं कांग्रेस ने सबूतों के साथ सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

मदन राठौड़ की सफाई: “फोटो खिंचवाना गुनाह नहीं”
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हमलों के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने बचाव की मुद्रा अपनाते हुए कहा कि दिनेश बिंवाल पार्टी का कार्यकर्ता नहीं है। राठौड़ का तर्क है कि सार्वजनिक जीवन में हजारों लोग नेताओं के साथ फोटो खिंचवाते हैं, इसका मतलब यह नहीं कि पार्टी उसके कृत्यों की जिम्मेदार है। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इन दावों को नकारते हुए नए सबूत पेश कर दिए हैं।

“क्या मंत्री जी ने नाश्ता करना बंद कर दिया?”— सोशल मीडिया पर तंज
विवाद की सबसे बड़ी जड़ कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के साथ आरोपी बिंवाल की तस्वीरें हैं। विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स मंत्री जी के उस पुराने वीडियो को साझा कर रहे हैं जिसमें उन्होंने दहाड़ते हुए कहा था:
“मैं माफियाओं को नाश्ते में खाता हूं… जरूरत पड़ी तो गढ्ढे से खोदकर निकाल लाऊंगा और कड़ी सजा दिलाऊंगा।”
अब जनता सवाल पूछ रही है कि क्या मंत्री जी ने माफियाओं का ‘नाश्ता’ करना बंद कर दिया है या वे आजकल ‘डाइटिंग’ पर हैं? आरोपी के साथ उनकी नजदीकी देख लोग पूछ रहे हैं कि जिस माफिया को खत्म करने की कसम खाई थी, वह बगल में कैसे खड़ा है?

संवेदनशील मोड़ पर नीट विवाद
आरोपी की पहचान को लेकर छिड़ी इस जंग ने राजस्थान की राजनीति में नीट पेपर लीक मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है, वहीं दूसरी तरफ दिग्गज नेताओं के बीच ‘पल्ला झाड़ने’ और ‘सबूत दिखाने’ का खेल जारी है।