भीषण गर्मी की आहट के साथ ही राजस्थान सरकार ने प्रदेश में संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कड़े निर्देशों के बाद रविवार को पूरे राज्य में एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत प्रशासन के आला अधिकारियों ने स्वयं गांव-गांव जाकर खराब हैंडपंपों को मौके पर ही दुरुस्त करवाया।
अफसरों की ‘फिल्डिंग’ और हैंडपंपों का इलाज
इस विशेष अभियान के दौरान जिला कलेक्टर, जिला परिषद के सीईओ, एसडीएम और तहसीलदार स्तर के अधिकारियों ने पीएचईडी (PHED) के तकनीकी स्टाफ के साथ फील्ड में मोर्चा संभाला। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि आमजन को पानी के लिए भटकना न पड़े। इसी के तहत खराब पड़े जल स्रोतों को युद्ध स्तर पर ठीक किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0: ₹11,200 करोड़ का ब्लूप्रिंट
प्रदेश को भू-जल दोहन और कम वर्षा की मार से बचाने के लिए सरकार ने जल स्वावलंबन अभियान के दूसरे चरण को गति दी है:
- लक्ष्य: 20,000 गांवों में 5 लाख वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं (तालाब, एनीकट, चेक डैम) बनाना।
- बजट: वर्ष 2024-25 के बजट में इस अभियान के लिए ₹11,200 करोड़ का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है।
- तीसरा चरण: बजट 2026-27 में तीसरे चरण के लिए ₹2,500 करोड़ की घोषणा की गई है, जिससे 5,000 गांवों में 1.10 लाख नए कार्य होंगे।
जयपुर में 48 घंटे का ‘डेडलाइन’ शासन
राजधानी जयपुर में जिला कलेक्टर संदेश नायक ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चिन्हित सभी खराब हैंडपंपों को आगामी 48 घंटे के भीतर ठीक किया जाए। आमेर जैसे उपखंडों में विशेष तकनीकी टीमें तैनात की गई हैं। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि जल आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत कहां करें?
सरकार ने आमजन से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में हैंडपंप खराब है या पानी की किल्लत है, तो वे तुरंत इन माध्यमों से शिकायत दर्ज कराएं:
- राजस्थान संपर्क पोर्टल: डायल करें 181
- PHED हेल्पलाइन: डायल करें 1800-180-6088
V. मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान: चरणों का लेखा-जोखा
| चरण | लक्ष्य (गांव/कार्य) | व्यय/प्रावधान | स्थिति |
| पहला चरण | 5,135 गांव | ₹2,500 करोड़ | 1.16 लाख कार्य पूर्ण |
| दूसरा चरण | 337 पंचायत समितियां | ₹2,880 करोड़ | 1.04 लाख कार्य स्वीकृत |
| तीसरा चरण (नया) | 5,000 गांव | ₹2,500 करोड़ | बजट 2026-27 में घोषणा |