राजस्थान हाईकोर्ट ने राजधानी जयपुर की सड़कों और हाईवे पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की प्रवर्तन शाखा को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और शहर के प्रमुख हिस्सों को जोड़ने वाले मार्गों से सभी अवैध कब्जे हटाए जाएं।
हाईवे और प्रमुख सड़कों की होगी पहचान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व न्यायाधीश शुभा मेहता की खंडपीठ ने विजय कुमार की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किए। कोर्ट ने जेडीए को निर्देशित किया है कि:
- नेशनल और स्टेट हाईवे पर हुए सभी अतिक्रमणों को चिन्हित किया जाए।
- शहर के प्रमुख मार्ग और उनके आसपास की सड़कों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाया जाए।
- विशेष रूप से जयपुर स्थित सिरसी रोड पर व्याप्त अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए गए हैं।
सिविल अदालतों और ट्रिब्यूनल को हिदायत कोर्ट ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए सिविल न्यायालयों और जेडीए ट्रिब्यूनल को भी निर्देशित किया है। कोर्ट ने कहा कि:
- जिन मामलों में जेडीए ने मास्टर प्लान के विपरीत निर्माण को हटाने के लिए ‘जेडीए अधिनियम की धारा 72’ के तहत नोटिस जारी किए हैं, उनमें कोई हस्तक्षेप न किया जाए।
- जेडीए को अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
सुनवाई के दौरान जेडीए की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अमित कुड़ी ने इस मामले में अतिक्रमण हटाने के लिए कोर्ट से 6 सप्ताह का समय मांगा है।