जयपुर में नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़: ‘Qcepod 200’ एंटीबायोटिक निकली नकली, औषधि विभाग ने जारी किया अलर्ट

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में मानव जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े और खतरनाक रैकेट का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जयपुर और भरतपुर औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त और त्वरित कार्रवाई में ‘Qcepod 200’ नामक एंटीबायोटिक दवा पूरी तरह नकली पाई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इस दवा की बिक्री और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

लैब जांच में फेल हुई दवा, पूरे प्रदेश में अलर्ट

इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश तब हुआ जब औषधि नियंत्रण अधिकारी (भरतपुर) ने इण्डियन मेडिकल एजेंसी से टेबलेट ‘Qcepod 200’ (बैच संख्या VT 242312) का नमूना लिया था। जब इस नमूने की अत्याधुनिक लैब में जांच की गई, तो यह सरकारी मानकों पर पूरी तरह फेल रही। जांच रिपोर्ट आने के बाद, औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने आधिकारिक तौर पर इसे ‘नकली’ (Spurious) घोषित करते हुए पूरे प्रदेशभर में अलर्ट नोटिस जारी कर दिया है।

4 लाख की नकली दवाएं खपाने की साजिश, हिमाचल से जुड़े तार

जांच में एक चौंकाने वाली साजिश सामने आई है। हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित निर्माता फर्म मैसर्स VADSP Pharmaceutical ने यह नकली दवा जयपुर की फर्म मैसर्स Iqumed Healthcare को बेची थी। सहायक औषधि नियंत्रक जितेन्द्र मीना के नेतृत्व में एक विशेष टीम (जिसमें अर्जुन मीना, मुकेश चौधरी, महेश ब्याडवाल और पूनम महिंद्रा शामिल थे) ने Iqumed Healthcare की गहन जांच की। जांच में पाया गया कि 4 लाख रुपये से अधिक की नकली दवाएं बेची जा चुकी थीं। टीम ने मौके से नकली दवा के 4 और नमूने लिए हैं और शेष स्टॉक के उपयोग व बिक्री पर पाबंदी लगा दी है। जप्त दवा के लिए न्यायालय से अभिरक्षा आदेश प्राप्त कर लिए गए हैं।

जालौर और भरतपुर तक फैला जाल, अब ‘सोर्स’ पर प्रहार की तैयारी

यह जहरीला नेटवर्क केवल जयपुर तक सीमित नहीं था। जांच में पता चला है कि इन नकली दवाओं की सप्लाई जालौर और भरतपुर के दवा विक्रेताओं को भी की गई थी। दोनों जिलों में कुल 4 दवा विक्रेताओं के ठिकानों की जांच की गई है। जालौर और भरतपुर के औषधि नियंत्रण अधिकारियों ने 5 और नमूने जांच के लिए भेजे हैं। औषधि विभाग ने अब इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की तैयारी कर ली है और एक विशेष टीम को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्माता फर्म की असलियत सामने आ सके और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

जनहित में अपील: औषधि विभाग ने जनहित में अपील जारी की है। यदि आपने हाल ही में ‘Qcepod 200’ (बैच संख्या VT 242312) खरीदी है, तो इसका सेवन तुरंत बंद करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या औषधि नियंत्रण विभाग को सूचित करें। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।

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