जयपुर। राजस्थान पुलिस की सीआईडी क्राइम ब्रांच (CID-CB) की टीम ने एक राज्यव्यापी विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने पिछले 14 वर्षों से फरार चल रहे ₹25,000 के इनामी और मोस्ट वांटेड अपराधी दुलाल बक्सी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से दस्तयाब किया है। आरोपी बाड़मेर जिले में गलत इलाज से एक महिला की मौत के मामले में वांछित था और फरारी के दौरान यूपी में नाम बदलकर झोलाछाप डॉक्टर के रूप में क्लीनिक चलाकर ग्रामीणों की जान से खिलवाड़ कर रहा था।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध शाखा) बिपिन कुमार पाण्डेय के निर्देशन तथा उप महानिरीक्षक पुलिस राशी डोगरा डूडी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेहा अग्रवाल के सुपरविजन में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
क्या था पूरा मामला?
एडीजी बिपिन कुमार पाण्डेय ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी दुलाल बक्सी पुत्र चितरंजन मूल रूप से विवेकानंद पल्ली (थाना बनगांव, जिला 24 परगना नॉर्थ, पश्चिम बंगाल) का निवासी है। वर्ष 2012 में आरोपी ने बाड़मेर जिले के बायतु बस स्टैंड के पास ‘मां क्लीनिक’ नाम से एक अवैध दुकान खोल रखी थी और खुद को बड़ा डॉक्टर बताता था।
इसी दौरान काकड़ों की ढाणी निवासी एक महिला मगीदेवी को बुखार होने पर वह इस क्लीनिक पर आई। आरोपी दुलाल ने उसे गलत इंजेक्शन लगा दिया और ग्लूकोज चढ़ा दिया, जिससे महिला की तबीयत अचानक बेहद बिगड़ गई। स्थिति खराब होते देख शातिर आरोपी परिजनों को ‘दूसरी दवाई लाने’ का बहाना बनाकर मौके से रफूचक्कर हो गया। अस्पताल ले जाते समय महिला ने दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद बायतु थाने में गैर इरादतन हत्या और भारतीय चिकित्सा अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ था और बाड़मेर एसपी द्वारा आरोपी पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया था।
पश्चिम बंगाल से यूपी तक बदलता रहा ठिकाने
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी दुलाल बक्सी लगातार पुलिस को छका रहा था। वह पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग ग्रामीण इलाकों में अपने ठिकाने और नाम बदल-बदल कर रह रहा था। हाल ही में क्राइम ब्रांच टीम के सदस्य हेड कांस्टेबल रविंद्र सिंह को एक पुख्ता आसूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के कासिमाबाद क्षेत्र के ‘आम्हाट’ गांव में ‘दीपक’ नाम रखकर फर्जी डॉक्टर बना हुआ है और फिर से क्लीनिक चला रहा है।
पुलिस पर हमला करने की कोशिश
सूचना की तस्दीक के बाद उपनिरीक्षक शैलेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में सीआईडी सीबी की टीम बायतु थानाधिकारी डॉ. मनोहर विश्नोई और स्थानीय पुलिस बल को साथ लेकर गाजीपुर स्थित आरोपी के क्लीनिक पर पहुंची। पुलिस को देखते ही आरोपी दुलाल ने क्लीनिक में रखे धारदार सर्जिकल औजारों से पुलिस टीम पर हमला करने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद टीम ने अदम्य साहस दिखाते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। शुरुआत में उसने अपनी पहचान छुपाने के लिए खुद को ‘दीपक’ बताया, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना असली नाम दुलाल बक्सी स्वीकार कर लिया।
कार्रवाई में शामिल जांबाज टीम
इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों की सराहनीय भूमिका रही:
- मुख्य आसूचना: हेड कांस्टेबल रविंद्र सिंह
- टीम नेतृत्व: उपनिरीक्षक शैलेंद्र शर्मा (शर्मा)
- विशेष भूमिका: हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह एवं कांस्टेबल नरेश कुमार
- तकनीकी सहयोग: हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार शर्मा
- फील्ड सपोर्ट: एएसआई शंकर दयाल शर्मा, कांस्टेबल सोहन देव यादव, बायतु थानाधिकारी डॉ. मनोहर विश्नोई, कांस्टेबल मांगीलाल एवं बीरमाराम।
रोडवेज और एटीएस के अभियानों के बाद अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाया जा रहा पुलिस मुख्यालय का यह विशेष अभियान प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।