बेटियों को असुरक्षित करने वाला जानवर निकला हिस्ट्रीशीटर: जयपुर में फरारी काटी, यहां लूट की, जेल गया फिर लौटा

Desk

जवाहर सर्किल थाना इलाके में युवती से अभद्रता करने वाले राहुल उर्फ राज की जांच में नए-नए राज खुल रहे हैं। जांच में सामने आया है कि राहुल महज एक मनचला नहीं, बल्कि ग्वालियर के बिजौली थाने का हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ बिजौली थाने में लूट, डकैती और हथियार सप्लाई के 17 मामले दर्ज हैं। यह शातिर अपराधी तीन साल पहले जयपुर में फरारी काटने आया था।

फरारी, लूट और पुलिस की अनदेखी

राहुल गुर्जर 2023 में मध्य प्रदेश के बिजौली में डकैती कर पहली बार जयपुर आया था। इस दौरान अगस्त 2023 में उसने रामनगरिया थाना इलाके में लूट की वारदात को अंजाम दिया और पकड़ा गया। तब ग्वालियर पुलिस इसे अपने साथ ले गई थी। डेढ़ साल जेल में रहने के बाद यह फिर से जयपुर आ गया और तब से यहीं रह रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि यह जयपुर में रहकर हथियार सप्लाई कर रहा था, लेकिन पुलिस की नजर में नहीं आया। यहाँ तक कि पिछले एक माह से चल रहे ‘एरिया डोमिनेशन’ अभियान में भी पुलिस ने इसे नहीं उठाया।

पनाहगाह बने ये 3 गुनहगार

आरोपी राहुल को जयपुर में पैर जमाने में तीन बड़े कारकों ने मदद की, जिन पर अब सवाल उठ रहे हैं:

  1. किराए पर मकान देने वाला मालिक: जिसने बिना पुलिस वेरिफिकेशन के हिस्ट्रीशीटर को अपने घर में पनाह दी।
  2. स्पा संचालक: जिसने बिना चरित्र प्रमाण पत्र या वेरिफिकेशन के उसे नौकरी पर रखा।
  3. हमारी पुलिस: जिसने न तो वैरिफिकेशन करवाया और न ही निगरानी रखी।

जवाहर सर्किल थाने की संदिग्ध कार्यशैली

जवाहर सर्किल थाना पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। 26 मार्च को जब पीड़िता ने थाने में शिकायत दी, तो केस दर्ज नहीं किया गया, जबकि पुलिस ने तभी सीसीटीवी कैमरों से आरोपी की पहचान कर ली थी। इस मामले में लापरवाही बरतने पर जांच अधिकारी हैड कांस्टेबल अंगदराम मीणा और घटना के समय ड्यूटी ऑफिसर रहे एएसआई महेश चंद को निलंबित कर दिया गया है।

पहले भी ‘मनचले’ को दी ढील

यह पहली बार नहीं है जब इस थाने ने गंभीरता नहीं दिखाई। 8 अप्रैल की रात को सेक्टर-3 में एक महिला के साथ अश्लील इशारे करने वाले मानसिंह को जब स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा, तो निलंबित हैड कॉन्स्टेबल ने उसे केवल शांति भंग में पकड़कर खानापूर्ति की। अगले दिन उसकी जमानत हो गई। जब मामला मीडिया में आया, तब पुलिस ने दोबारा मानसिंह की तलाश शुरू की और वह घर से फरार मिला, जिसे बाद में मशक्कत कर पकड़ा गया।

सवाल व्यवस्था पर

जयपुर में ‘निर्भया स्क्वॉड’ और ‘कालिका टीम’ जैसी महिला पुलिस टीमें फील्ड में सक्रिय होने का दावा किया जाता है, लेकिन धरातल पर बेटियों से छेड़छाड़ के मामलों को पुलिस गंभीरता से नहीं ले रही है। एसआईटी अब तक आरोपी के थाने आने-जाने की जांच पूरी नहीं कर पाई है। आदतन अपराधी का बिना किसी रोक-टोक के राजधानी में रहना सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है।

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