जयपुर शहर में गर्भवती महिला समेत कई युवतियों के साथ छेड़छाड़ और अभद्रता कर खौफ पैदा करने वाले हिस्ट्रीशीटर राहुल उर्फ राज का अंततः अंत हो गया है। बुधवार को जयपुर पुलिस ने एक बेहद सटीक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए आरोपी राहुल को मुरैना (मध्य प्रदेश) से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसे गुरुवार शाम तक जयपुर लाए जाने की पूरी संभावना है।
मुरैना-ग्वालियर में डाला था डेरा
आरोपी राहुल की गिरफ्तारी के लिए जयपुर पुलिस पिछले कई दिनों से मध्य प्रदेश के ग्वालियर, भिंड और मुरैना जिलों में डेरा डाले हुए थी। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि हमारी टीमें लगातार राहुल की लोकेशन ट्रेस कर रही थीं। जयपुर पुलिस की मदद के लिए स्थानीय क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया था। सघन तलाशी और तकनीकी इनपुट के आधार पर अंततः उसे डिटेन कर लिया गया।
क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि 25 मार्च की शाम को जवाहर सर्किल थाना इलाके में एक गर्भवती महिला के साथ अभद्रता का मामला सामने आया था। पीड़िता ने 26 मार्च को थाने में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस की संवेदनहीनता का आलम यह था कि उस समय केस दर्ज नहीं किया गया। आरोपी का मालवीय नगर में एक स्पा सेंटर भी है, जहाँ से वह अपनी गतिविधियां चलाता था।
पुलिस महकमे पर गिरी गाज
इस मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही पर भारी आक्रोश देखने को मिला था। जांच में सामने आया कि एसएचओ आशुतोष सिंह ने आरोपी को थाने बुलाया था लेकिन उसे बिना किसी ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया। इस गंभीर लापरवाही पर:
- एक एएसआई और एक हेड कांस्टेबल को निलंबित किया जा चुका है।
- एसएचओ आशुतोष सिंह को चार्जशीट थमाई गई है।
- डीसीपी के निर्देश पर एसएचओ की भूमिका की अभी भी गहराई से जांच की जा रही है।
हिस्ट्रीशीटर राहुल के पकड़े जाने से न केवल पीड़िता को न्याय की उम्मीद जगी है, बल्कि जयपुर पुलिस की धूमिल होती छवि पर भी मरहम लगा है।