उदयपुर : उदयपुर जिले की बेकरिया थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज ‘ब्लाइंड मर्डर’ की गुत्थी को मात्र 7 दिनों के भीतर सुलझा लिया है। मोटरसाइकिल साइड देने के मामूली विवाद में हुई इस हत्या के मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को बापर्दा (पहचान छिपाकर) गिरफ्तार किया है। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने किया।
घटना का विवरण: खुशी के कार्यक्रम से लौट रहा था परिवार
पुलिस के अनुसार, यह दर्दनाक घटना 6 मई की है। सिरोही जिले के पिंडवाड़ा निवासी मेवाराम अपने परिवार और दोस्तों के साथ उदयपुर के पीपली खेड़ा में एक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। जब वे टाकरी घाटी के पास पहुंचे, तो सामने से गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में आ रही दो मोटरसाइकिलों पर सवार 6 युवकों से उनका रास्ता देने को लेकर विवाद हो गया।
तलवार और छुरी से ताबड़तोड़ हमला
विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने अपना आपा खो दिया और मेवाराम व उसके साथियों पर तलवार व छुरी जैसे धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में मेवाराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके कुछ साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी केवल हत्या तक ही सीमित नहीं रहे, वे भागते समय मृतक का मोबाइल और पर्स भी लूटकर फरार हो गए।
पुलिस की मुस्तैदी और तकनीकी साक्ष्य
घटना के बाद मृतक के भाई मालाराम ने बेकरिया थाने में मामला दर्ज कराया। एसपी अमृता दुहन के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल स्वरूप मेवाड़ा और वृताधिकारी डूंगरसिंह चुण्डावत के सुपरविजन में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) और स्थानीय मुखबिरों की मदद से 6 आरोपियों को चिन्हित किया।
- गिरफ्तारी: 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
- फरार: 2 अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
आरोपियों का कबूलनामा
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे हाईवे पर गलत दिशा में बाइक चला रहे थे। जब सामने से आ रहे मेवाराम ने उन्हें सही दिशा में चलने और रास्ता देने को कहा, तो उन्हें गुस्सा आ गया और उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।
इस महत्वपूर्ण सफलता में थानाधिकारी उत्तमसिंह, एएसआई अमरसिंह, साइबर सेल के कांस्टेबल लोकेश और बेकरिया थाने की पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही।