राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सीकर एसीबी (ACB) की टीम ने आज शुक्रवार को एक और बड़ी सफलता हासिल की। टीम ने नीमकाथाना कृषि उपज मंडी के अतिरिक्त सचिव रणधीर सिंह को ₹40,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी ने दुकानों के लाइसेंस जारी करने की एवज में परिवादी से मोटी रकम की मांग की थी।
पूरा मामला: लाइसेंस के नाम पर ‘वसूली’
एसीबी एएसपी विजय कुमार ने बताया कि एक परिवादी ने ब्यूरो को शिकायत दी थी कि उसकी मंडी में दो दुकानें पहले से अलॉट हैं। उसने अपनी 4 अन्य दुकानों के लाइसेंस जारी करने के लिए फाइलें जमा कराई थीं। अतिरिक्त सचिव रणधीर सिंह ने इन 4 दुकानों के लाइसेंस जारी करने के बदले कुल ₹80,000 की रिश्वत मांगी थी।
ऐसे बिछाया गया जाल (The Trap)
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने उसका गोपनीय सत्यापन करवाया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद शुक्रवार को ट्रैप की योजना बनाई गई:
- किस्त का खेल: तय योजना के अनुसार, परिवादी को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में ₹40,000 देने के लिए भेजा गया। बाकी के ₹40,000 काम होने के बाद देना तय हुआ था।
- रंगे हाथों गिरफ्तारी: जैसे ही रणधीर सिंह ने परिवादी से ₹40,000 की नकदी ली, आसपास सादे कपड़ों में तैनात एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई।
पूछताछ और अग्रिम कार्रवाई
फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी रणधीर सिंह को हिरासत में लेकर नीमकाथाना में ही विस्तृत पूछताछ कर रही है। उनके आवास और अन्य ठिकानों की भी तलाशी ली जा सकती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने और कितने लोगों से इस तरह वसूली की। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
V. रिश्वत कांड का गणित (Quick Summary)
| विवरण | जानकारी |
| आरोपी अधिकारी | रणधीर सिंह (अतिरिक्त सचिव, नीमकाथाना मंडी) |
| कुल मांग | ₹80,000 (4 दुकानों के लिए) |
| ट्रैप राशि | ₹40,000 (पहली किस्त) |
| कार्यवाही टीम | एसीबी सीकर (नेतृत्व: एएसपी विजय कुमार) |
| वजह | दुकानों के लाइसेंस जारी करने की फाइल पास करना |