‘डॉक्टर माफिया’ बेनकाब: विदेश से MBBS करके भी फेल हुए, फिर फर्जी सर्टिफिकेट से बन गए डॉक्टर; सरगना भानाराम दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार

जयपुर। राजस्थान में मेडिकल सिस्टम को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। एसओजी (SOG) ने विदेशी MBBS डिग्रीधारी छात्रों को फर्जी FMGE (Foreign Medical Graduate Examination) स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट दिलाकर डॉक्टर बनाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई से चिकित्सा जगत में हड़कंप मच गया है। मामले में मुख्य सरगना भानाराम माली समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दर्जनों अन्य फर्जी डॉक्टर रडार पर हैं।

फेल छात्रों को पास कराने का ‘खेल’

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि विदेश से MBBS की डिग्री लेकर लौटे ऐसे अभ्यर्थी, जो भारत में प्रैक्टिस के लिए अनिवार्य FMGE स्क्रीनिंग परीक्षा पास नहीं कर पाते थे, उन्हें यह गिरोह टारगेट करता था। गिरोह उनके लिए कूटरचित (फर्जी) FMGE पास सर्टिफिकेट तैयार करता था। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में इंटर्नशिप के लिए आवेदन करवाया जाता था और उन्हें डॉक्टर बनने की एंट्री दिला दी जाती थी।

विदेशों में छिपा था मास्टरमाइंड, दिल्ली से दबोचा

प्रकरण का मुख्य आरोपी भानाराम माली उर्फ भानु (30) निवासी चूरू, लंबे समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह थाईलैंड, श्रीलंका, दुबई, कजाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों में छिपता फिर रहा था। एसओजी को इनपुट मिला कि आरोपी 2 फरवरी 2026 को दिल्ली पहुंचने वाला है। सूचना पर टीम ने जाल बिछाया और 3 फरवरी 2026 को उसे दिल्ली एयरपोर्ट से दबोच लिया। आरोपी फिलहाल 7 फरवरी तक पुलिस हिरासत में है। जांच में सामने आया कि भानाराम खुद भी विदेश से MBBS डिग्री प्राप्त डॉक्टर है और अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर मोटी रकम वसूलता था।

खुद भी बना फर्जी डॉक्टर, फिर दूसरों को बनाया

रैकेट में शामिल दूसरे गिरफ्तार आरोपी इंद्राज सिंह गुर्जर (27) निवासी करौली की कहानी और भी चौंकाने वाली है। इंद्राज ने खुद विदेश से MBBS की थी लेकिन FMGE पास नहीं कर पाया। उसने दिसंबर 2022 का फर्जी स्क्रीनिंग सर्टिफिकेट बनवाया और राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज, अलवर से इंटर्नशिप भी पूरी कर ली। इसके बाद वह एजेंट बनकर अन्य अभ्यर्थियों को फर्जी सर्टिफिकेट दिलाने में मदद करने लगा।

73 ‘मुन्नाभाई’ रडार पर, नया केस दर्ज

एसओजी की जांच में खुलासा हुआ है कि करीब 73 ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने विदेश से डिग्री तो ली, लेकिन FMGE पास किए बिना फर्जी सर्टिफिकेट के दम पर इंटर्नशिप हासिल करने की कोशिश की। इस खुलासे के बाद एसओजी ने 4 फरवरी 2026 को नया प्रकरण संख्या 8/2026 दर्ज किया है।

अधिकारियों और कॉलेजों की भूमिका संदिग्ध

एसओजी अब उन मेडिकल कॉलेजों, डॉक्टर्स और अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है, जिन्होंने बिना समुचित सत्यापन (Verification) के इन फर्जी डॉक्टरों को इंटर्नशिप और प्रशिक्षण की अनुमति दे दी। यह मामला देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, क्योंकि बिना योग्यता वाले ये ‘डॉक्टर’ मरीजों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकते थे।

Live Sach – तेज़, भरोसेमंद हिंदी समाचार। आज की राजनीति, राजस्थान से ब्रेकिंग न्यूज़, मनोरंजन, खेल और भारतदुनिया की हर बड़ी खबर!

Share This Article