अलवर – वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने रविवार को अलवर में शिक्षा और संस्कारों की अलख जगाई। वे यहां खंडेलवाल सेवा संगठन संस्थान (रजि.) द्वारा आयोजित ‘प्रतिभा सम्मान सम्मेलन एवं विशाल बसंत मेले’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस भव्य समारोह में उन्होंने समाज की 78 प्रतिभावान प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया। मंत्री ने मंच से एक बड़ी घोषणा करते हुए इन होनहारों को प्रकृति से जोड़ने की नई पहल भी शुरू की।
शिक्षा से ही संभव है सर्वोच्च लक्ष्य की प्राप्ति
वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने अपने संबोधन में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह एकमात्र सशक्त माध्यम है, जिसके बल पर जीवन में सर्वोच्च लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी राष्ट्र की उन्नति और विकास में उच्च शिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष नागरिकों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसलिए युवाओं को अपनी पढ़ाई पर पूरा फोकस रखना चाहिए।
बेटियों को भी मिले समान अवसर, समाज मदद को आए आगे
संजय शर्मा ने समाज के प्रबुद्ध जनों से अपील की कि वे बालकों के साथ-साथ बालिकाओं को भी शिक्षा के समान अवसर प्रदान करें। उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि समाज को एक विशेष कोष (Fund) बनाना चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभावान विद्यार्थियों की पढ़ाई में मदद की जा सके। यह समाज सेवा का सबसे बड़ा कार्य होगा।
छात्रों के लिए बड़ी सौगात: फ्री में देखेंगे टाइगर रिजर्व
पर्यावरण मंत्री ने इस मौके पर छात्रों के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सम्मानित किए गए सभी 78 प्रतिभावान विद्यार्थियों को वन विभाग की ओर से प्रदेश के प्रसिद्ध सरिस्का और रणथंभौर टाइगर रिजर्व का निःशुल्क भ्रमण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि नई पीढ़ी पर्यावरण और प्रकृति से जुड़ सके और भविष्य में देश के हरित विकास में अपना योगदान दे सके।
समाज के गणमान्य लोग रहे मौजूद
समारोह में खंडेलवाल वैश्य महासभा के चेयरमैन रमेश खंडेलवाल, संस्था के अध्यक्ष अनिल बजाज, नारायण बाजरगान, के.के. गुप्ता, बाबू झालानी, योगेश बडाया, हरिप्रसाद खंडेलवाल, शत्रुघ्न मेठी, के.जी. खंडेलवाल, गणेश चंद जसोरिया और नारायण खंडेलवाल सहित समाज के कई प्रबुद्ध व्यक्ति और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
