निवाई: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को टोंक जिले के निवाई में आयोजित ‘ग्राम उत्थान शिविर’ में शिरकत करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए खजाना खोल दिया। सीएम ने टोंक जिले के लिए 370 करोड़ रुपये से अधिक राशि के 64 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन कार्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के ‘वीबी जी राम जी’ कानून का जिक्र करते हुए ग्रामीण रोजगार और विकास का नया खाका पेश किया।
‘वीबी जी राम जी’ कानून और 125 दिन रोजगार की गारंटी
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि जब गांव आगे बढ़ेगा, तभी देश आगे बढ़ेगा। इसी दिशा में केंद्र सरकार ‘वीबी जी राम जी’ कानून लेकर आई है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। इस कानून के माध्यम से गांवों में जल सुरक्षा, बुनियादी ढांचा और आजीविका संवर्धन के स्थायी विकास कार्य होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस योजना में तकनीक का इस्तेमाल कर पारदर्शिता रखी जाएगी, जिससे हर श्रमिक को समय पर पैसा मिले। यह कानून ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
ग्राम उत्थान शिविर: 941 कैंप, लाखों लाभार्थी
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार का फोकस किसानों की खुशहाली और गरीबों के उत्थान पर है। प्रदेश के हर गिरदावर सर्किल पर ग्राम उत्थान शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि ग्रामीणों को घर के नजदीक ही योजनाओं का लाभ मिले। अब तक पूरे प्रदेश में 941 ग्राम उत्थान शिविर आयोजित कर लाखों लोगों को लाभान्वित किया गया है। इन शिविरों के जरिए 50 हजार से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड और 33 हजार स्वामित्व कार्ड बांटे गए हैं। इसके अलावा 2 लाख 60 हजार पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा, 20 हजार पशुओं का टीकाकरण और पीएम सूर्य घर योजना में 20 हजार पंजीकरण किए गए हैं।
किसानों को 2027 तक दिन में बिजली, 11 हजार करोड़ खाते में डाले
राज्य के विकास का रोडमैप साझा करते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि पानी की प्राथमिकता को समझते हुए सरकार ने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता और गंगनहर की मरम्मत जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। सरकार वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है और अभी 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। उन्होंने बताया कि किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य सरकार किसानों को 9 हजार रुपये दे रही है और पिछले दो साल में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी गई है।
युवाओं से बोले- ‘मन लगाकर पढ़ाई करो, सरकार साथ है’
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि ‘राइजिंग राजस्थान समिट’ से निवेश और रोजगार के नए रास्ते खुले हैं। सरकार अब तक 1 लाख से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां दे चुकी है और 1 लाख 54 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। इस वर्ष के लिए भी एक लाख सरकारी पदों पर भर्तियों का कैलेंडर जारी किया जा चुका है। सभी भर्तियां पूरी पारदर्शिता से हो रही हैं। सीएम ने युवाओं से अपील की कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, सरकार उनके साथ खड़ी है।
2014 के बाद देश में आया बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद देश में अभूतपूर्व बदलाव आए हैं। प्रधानमंत्री किसान, युवा, महिला और मजदूर चारों वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं। महिलाओं के लिए 450 रुपये में गैस सिलेंडर और जनकल्याणकारी योजनाओं से राहत दी जा रही है।
लाभार्थियों को बांटे चेक और उपकरण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मल्टी क्रॉप थ्रेसर अनुदान, किसान क्रेडिट कार्ड, गोपाल क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता, शेडनेट हाउस और पॉली हाउस सब्सिडी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। साथ ही राजीविका दीदी समूहों को चेक और पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप प्रमाण-पत्र भी सौंपे। इससे पहले उन्होंने शिविर का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल, ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर, विधायक रामसहाय वर्मा और राजेन्द्र गुर्जर सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
