भारत अपनी मिट्टी से दूर रहकर भी देश का नाम रोशन करने वाले करोड़ों भारतीयों के सम्मान में 9 जनवरी, 2026 को ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ (Pravasi Bharatiya Divas – PBD) मना रहा है। यह दिन न केवल विदेशों में बसे भारतीयों (NRIs) की उपलब्धियों को सेलिब्रेट करने का है, बल्कि उन्हें अपनी जड़ों से दोबारा जोड़ने का एक खास मौका भी है।
2026 में क्या है खास? (Latest Updates)
चूंकि 2015 के बाद से सरकार ने इस महासम्मेलन को द्विवार्षिक (Biennial) यानी हर दो साल में एक बार आयोजित करने का फैसला किया था, इसलिए मुख्य ‘प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन’ का आयोजन 2025 में भुवनेश्वर में हो चुका है और अगला बड़ा सम्मेलन 2027 में प्रस्तावित है। हालांकि, 2026 में भी यह दिन उत्साह के साथ मनाया जा रहा है:
- थीम-आधारित सम्मेलन: विदेश मंत्रालय (MEA) और विभिन्न राज्य सरकारें इस वर्ष छोटे स्तर पर थीम-आधारित कॉन्फ्रेंस और संवाद सत्र आयोजित कर सकती हैं।
- लखीसराय में ‘री-कनेक्ट फोरम’: बिहार के लखीसराय जिले में 9 और 10 जनवरी 2026 को एक अनूठा ‘री-कनेक्ट फोरम’ आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय प्रवासी प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर पर जोड़ना है। इसमें देश-विदेश से 100 से अधिक प्रतिभागियों के जुटने की संभावना है।
इतिहास: 9 जनवरी की तारीख ही क्यों?
इस तारीख का चुनाव एक ऐतिहासिक घटना की याद में किया गया था:
- बापू की वापसी: 9 जनवरी 1915 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से हमेशा के लिए भारत लौटे थे। उन्हें भारत का सबसे महान ‘प्रवासी’ माना जाता है, जिन्होंने वापस आकर देश के स्वतंत्रता संग्राम की कमान संभाली और इतिहास बदल दिया।
- शुरुआत: इस दिवस को मनाने की शुरुआत 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार द्वारा एल.एम. सिंघवी समिति की सिफारिशों पर की गई थी।
प्रवासी भारतीय दिवस का उद्देश्य
इस आयोजन के पीछे सरकार के कई महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं:
- योगदान का सम्मान: भारत के विकास में प्रवासी भारतीयों के योगदान को पहचानना और सम्मानित करना।
- जड़ों से जुड़ाव: विदेशों में बसे भारतीयों को अपनी संस्कृति, विरासत और जड़ों से जुड़ने का मंच प्रदान करना।
- निवेश और नेटवर्क: प्रवासियों के लिए भारत में निवेश के अवसरों को खोलना और दुनिया भर के भारतीय समुदाय के बीच नेटवर्क बनाना।
प्रवासी भारतीय सम्मान (Pravasi Bharatiya Samman)
यह इस आयोजन का एक अहम हिस्सा है। यह भारत सरकार द्वारा किसी भी एनआरआई (NRI) या भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। यह पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में (जैसे विज्ञान, शिक्षा, सामुदायिक सेवा) असाधारण कार्य किया है और भारत की छवि को विश्व स्तर पर निखारा है।
