संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की चौथी समिति में वि-उपनिवेशीकरण (Decolonization) के एजेंडे पर चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान के भ्रामक दावों की कड़ी निंदा की है। पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को उठाने के बाद, भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहीं राजसमंद (राजस्थान) की सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ (Right of Reply) का इस्तेमाल करते हुए मंच से सीधा और कड़ा जवाब दिया। सांसद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) पर भी इस संबोधन का वीडियो साझा किया है।
सांसद महिमा कुमारी ने यूएन के मंच से कहा कि यह बेहद खेदजनक है कि पाकिस्तान इस सम्मानित मंच का दुरुपयोग लगातार झूठी बातें फैलाने के लिए कर रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में दुनिया के सामने स्पष्ट किया कि ‘जम्मू और कश्मीर हमेशा से भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य (Integral and Inalienable) हिस्सा रहा है और हमेशा रहेगा’। उन्होंने पाकिस्तान को उसके खुद के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर घेरते हुए आह्वान किया कि वह उन क्षेत्रों में गंभीर और लगातार हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन को तुरंत रोके, जिन पर उसने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को बताया कि इन अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्रों में आम जनता पाकिस्तान के दमन, सैन्य क्रूरता और संसाधनों के अवैध शोषण के खिलाफ खुले विद्रोह पर उतर आई है। अपने कड़े बयान में सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने कहा कि एक ऐसा देश, जिसका सैन्य तानाशाही, दिखावटी चुनावों, लोकप्रिय नेताओं को जेल में डालने, धार्मिक कट्टरवाद और आतंकवाद को अपनी स्टेट पॉलिसी (State Policy) के रूप में इस्तेमाल करने का लंबा रिकॉर्ड है, उसे भविष्य में ऐसे मंचों पर दूसरों को उपदेश देने से बचना चाहिए। भारत की ओर से दिए गए इस जवाब ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की झूठी बयानबाजी को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है।
Mahima Kumari Mewar, Mahima Kumari Mewar UN Speech, India at UNGA, Right of Reply, Jammu and Kashmir, Pakistan UN Speech, Rajsamand MP, Indian Representative UN, Pakistan Human Rights Violations, UN General Assembly