जयपुर: राजस्थान में आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के किसान मोर्चा ने संगठन को पूरी तरह चुनावी मोड में लाते हुए अपनी प्रदेश कार्यसमिति की बहुप्रतीक्षित जंबो सूची जारी कर दी है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देशों के तहत किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी ने 100 से अधिक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की नई टीम की घोषणा की है।
प्रमुख पदाधिकारियों की सूची एक नजर में:
पार्टी ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन का पूरा ध्यान रखते हुए 24 प्रमुख प्रदेश पदाधिकारियों को मैदान में उतारा है:
- 8 प्रदेश उपाध्यक्ष: आत्माराम तरड़, रैवंतसिंह राजपुरोहित, राजेन्द्र मीणा शेखपुरा, योगेन्द्र नन्दवाना, भँवरसिंह पंवार, मंशाराम परमार, प्रवीण यादव और रामाकिशन खीचड़।
- 2 प्रदेश महामंत्री: बद्रीराम जाट और श्रवणसिंह राव।
- 7 प्रदेश मंत्री: राजेश गुर्जर, श्यामसिंह राजावत, कैलाश कुमावत, अन्नूश्री पूनियां, ओमप्रकाश बिजारणिया, शक्तिरथ सिंह सिनसिनवार और बंशीलाल कटारा।
- कोषाध्यक्ष: प्रेमसिंह बनवासा (कोषाध्यक्ष) और सूरज सोनी (सह-कोषाध्यक्ष)।
इसके अलावा रमा चोपड़ा, चिराग चौधरी और कैलाश जाटवाड़ा समेत 9 प्रवक्ताओं की टीम बनाई गई है, जबकि मीडिया और आईटी विंग की जिम्मेदारी गणपतसिंह देवड़ा, कर्णसिंह यादव और लोहित प्रताप सिंह को सौंपी गई है।
प्राकृतिक खेती, FPO और पशुपालक मित्रों पर विशेष जोर
किसान मोर्चा ने इस बार खेती-किसानी के आधुनिक और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रकोष्ठ बनाए हैं:
- प्राकृतिक खेती: लकेश चौधरी (संयोजक), मोतीसिंह रावत, डॉ. योगेश कुमार शास्त्री और रणवीर सिंह भादू (सह-संयोजक)।
- FPO व खाद्य प्रसंस्करण: ईश भारद्वाज (FPO संयोजक) और देवेन्द्र दत्त (खाद्य प्रसंस्करण संयोजक)।
- पशुपालक मित्र: विक्रमसिंह गुर्जर को पशुपालक मित्र का संयोजक बनाया गया है।
- ‘मन की बात’ प्रभारी: सत्येन्द्र त्यागी को ‘मन की बात’ का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है।
68 कार्यसमिति सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल
मुख्य पदाधिकारियों के अलावा पार्टी ने हरिराम रणवा, ओम प्रकाश यादव, पृथ्वीराज चौहान, खीमाराम चौधरी और ज्योति प्रकाश सोनी को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया है। इसके साथ ही प्रदेशभर से 68 निष्ठावान नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है, जो आगामी पंचायत चुनावों में गांव और बूथ स्तर पर पार्टी का मोर्चा संभालेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत चुनावों से ठीक पहले इतनी बड़ी और मजबूत कार्यकारिणी घोषित करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और किसान मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ को और अधिक मजबूत करना है।