राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में एसओजी ने पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाली 10 हजार रुपये की इनामी आरोपी चुकी बाई (41) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले करीब 18 महीने से फरार चल रही थी और लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से बचती रही।
डमी अभ्यर्थी से दिलवाई थी परीक्षा
एसओजी के अनुसार, जालौर जिले के सांचौर निवासी चुकी बाई ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में स्वयं परीक्षा देने के बजाय अपनी जगह एक डमी अभ्यर्थी को बैठाया। इसके बाद उसका चयन पटवारी पद पर हो गया। वह पहले पटवार हल्का ईंदू (कुम्हेर, भरतपुर) और बाद में उपखंड कार्यालय पहाड़ी (डीग) में पटवारी के पद पर कार्यरत रही। बाद में अनियमितताओं का खुलासा होने पर उसे निलंबित कर दिया गया।
मॉर्फ फोटो और फर्जी हस्ताक्षर का किया इस्तेमाल
जांच में सामने आया कि आरोपी ने प्रवेश पत्र पर अपनी और डमी अभ्यर्थी की मॉर्फ (मिक्स) फोटो लगाई थी। इसके साथ ही फर्जी हस्ताक्षरों का उपयोग कर 23 अक्टूबर 2021 को जयपुर के परीक्षा केंद्र पर डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाई गई। इस काम के लिए आरोपी ने डमी अभ्यर्थी को 5 लाख रुपये नकद दिए थे।
गोपनीय शिकायत के बाद खुला मामला
एसओजी को इस मामले में गोपनीय शिकायत मिली थी। जांच के बाद आईपीसी की विभिन्न धाराओं और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत वर्ष 2024 में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
18 महीने तक पुलिस को देती रही चकमा
मामला दर्ज होने के बाद चुकी बाई लगातार फरार रही। इस दौरान वह डीग, भरतपुर और जालौर में अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रह रही थी। उसकी गिरफ्तारी पर एसओजी ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। लगातार निगरानी और तकनीकी इनपुट के आधार पर आखिरकार एसओजी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
डमी अभ्यर्थी पहले ही हो चुकी गिरफ्तार
एसओजी ने बताया कि इस मामले में डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा देने वाली छम्मी उर्फ सम्मी उर्फ समिता, जो तृतीय श्रेणी अध्यापिका थी, को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब मुख्य आरोपी चुकी बाई से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े पर SOG की सख्ती
राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी, पेपर लीक और फर्जी दस्तावेजों के कई मामले सामने आए हैं। एसओजी लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।