टोंक : राजस्थान राज्य कर विभाग की प्रवर्तन शाखा-तृतीय (Enforcement Wing-III) ने खुफिया इनपुट और डेटा विश्लेषण के आधार पर टोंक जिले के मालपुरा में बड़ी कार्रवाई की है। तिलहन, खाद्य तेल और रिफाइंड चीनी के कारोबार से जुड़ी 4 प्रमुख व्यावसायिक फर्मों पर सर्च और जब्ती की यह कार्रवाई की गई है। प्रारंभिक जांच में इन फर्मों द्वारा बिना माल के परिवहन के फर्जी बिलिंग के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पास करने और भारी कर अपवंचन (Tax Evasion) के संकेत मिले हैं।
एक ही व्यक्ति द्वारा संचालित हो रही थीं चारों फर्में
विभाग की शुरुआती पड़ताल में यह चौकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इन चारों व्यावसायिक फर्मों का संचालन वास्तव में एक ही व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। पिछले पांच वर्षों के दौरान इन फर्मों के लगभग 6.56 करोड़ रुपए के कर संबंधी संव्यवहार (ट्रांजैक्शन) संदिग्ध पाए गए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त
सर्च के दौरान कारोबारी दस्तावेजों का लेखा पुस्तकों (Books of Accounts) से संतोषजनक मिलान नहीं हो सका। इसके बाद विभागीय टीम ने महत्वपूर्ण वित्तीय रिकॉर्ड, बिल बुक्स, रजिस्टर्स और लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को विस्तृत जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है।
विभाग द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की गहन स्क्रूटनी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद फर्जी आईटीसी, वास्तविक कारोबार और टैक्स चोरी की वास्तविक राशि का पूरा खुलासा हो सकेगा।