जीरो टॉलरेंस नीति: राजस्थान में पहली तिमाही में मिला 33,969 करोड़ का राजस्व; सीएम ने दिए सख्त निर्देश

Madhu Manjhi

जयपुर: राजस्थान के सर्वांगीण विकास के लिए राजस्व संग्रहण को आधार मानते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 33,969 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त होने पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगति को और अधिक गति देने के लिए 10 सूत्रीय कार्ययोजना जारी की है।

कर चोरी पर ‘जीरो टॉलरेंस’

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि टैक्स की चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कर चोरी करने वाले बड़े कारोबारियों और रिपीट ऑफेंडर्स पर लगाम लगाने के लिए केवल फाइलों तक सीमित न रहकर ‘डिकॉय ऑपरेशन्स’ (औचक छापेमारी) करने के निर्देश दिए हैं। राजस्थान पूरे देश में ‘फेसलेस स्क्रूटनी’ लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है, और इस गति को बनाए रखते हुए विभाग को अब और अधिक सख्ती बरतने को कहा गया है।

अवैध खनन और परिवहन पर तकनीक की निगरानी

प्रदेश में अवैध माइनिंग और परिवहन को रोकने के लिए खान विभाग को ‘ई-रवन्ना’ सिस्टम को जीपीएस (GPS) और सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से लिंक करने का निर्देश दिया गया है। इससे अवैध पत्थरों और बजरी के ट्रकों पर लाइव ट्रैकिंग संभव हो सकेगी। इसी तरह, परिवहन विभाग को बिना टैक्स और परमिट चलने वाले अवैध वाहनों के साथ-साथ बिना सुरक्षा मानकों वाली वाहन बॉडी निर्माण इकाइयों पर भी शिकंजा कसने के आदेश दिए गए हैं।

आमजन और उद्यमियों के लिए सुगम प्रशासन

बैठक में पारदर्शी प्रशासन पर जोर देते हुए कई महत्वपूर्ण सुधारों की घोषणा की गई:

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  • जियो टैगिंग: सरकारी जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए ई-पंजीयन के दौरान अचल संपत्ति की जियो टैगिंग अनिवार्य होगी।
  • सरल रूपांतरण: लैंड यूज चेंज (जमीन का डायवर्जन) प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
  • आधुनिक कॉलोनियां: यूआईटी (UIT) को निर्देश दिए गए कि नई आवासीय योजनाओं के ले-आउट प्लान में चौड़ी सड़कें, सीवरेज, पार्क और पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं पहले से शामिल हों।

कानूनी मामलों में प्रभावी पैरवी

राजस्व प्राप्ति में बाधा बन रहे अदालती मामलों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न कोर्ट और ट्रिब्यूनल्स में लंबित राजस्व संबंधी मुकदमों में सरकारी वकीलों के माध्यम से मजबूत पैरवी की जाए। समय पर जवाब दाखिल करके स्टे (Stay) हटवाए जाएं ताकि रुका हुआ करोड़ों का टैक्स राजस्व सरकारी खजाने में जमा हो सके। इस बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित प्रमुख शासन सचिव और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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