जयपुर: बिजली उत्पादन में राजस्थान ने बनाया राज्य स्तर पर रिकॉर्ड, ‘मल्टीनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में नाम दर्ज

Madhu Manjhi
4 Min Read

जयपुर राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा इतिहास रच दिया है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के दिशा-निर्देशन में प्रदेश में हासिल की गई इस ऐतिहासिक उपलब्धि को ‘मल्टीनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (इंडिया)’ द्वारा रिकॉर्ड श्रेणी में दर्ज किया गया है। आज, 25 जून 2026 को जयपुर के विद्युत भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को वैश्विक सम्मान पत्र प्रदान किया गया।

ऊर्जा मंत्री ने इस वैश्विक अवार्ड को अपने कुशल नेतृत्व के साथ-साथ ऊर्जा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के अभूतपूर्व प्रयासों को समर्पित किया है। इसके साथ ही, राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक (CMD) देवेन्द्र श्रृंगी को भी संस्था के मैनेजर अरिहंत उपाध्याय एवं कोऑर्डिनेटर गरिमा जैन द्वारा रिकॉर्ड श्रेणी में दर्ज कर वैश्विक सम्मान पत्र सौंपा गया।

निगम के गठन से लेकर अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि: क्षमता का 94.60% यूटिलाइजेशन

खामियां दूर कर किया गया चरणबद्ध रखरखाव:

ऊर्जा मन्त्री हीरालाल नागर ने इस बड़ी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि उत्पादन निगम के गठन से लेकर अब तक की यह सबसे सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि है। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के कोयला आधारित विद्युतगृहों की कुल 7580 मेगावाट क्षमता वाली 23 इकाइयों से गत 2 जून 2026 को रिकॉर्डतोड़ 7171 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया गया।

- Advertisement -

प्रदेश में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा कार्य संभालते ही ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष फोकस किया गया था। सरकार के उचित दिशा-निर्देशों के बाद तकनीकी खामियों को दूर किया गया और कोल आधारित इकाइयों से 94.60% यूटिलाइजेशन के साथ यह उच्चतम उत्पादन स्तर हासिल हुआ।

सूरतगढ़ थर्मल विद्युतगृह ने भी रचा इतिहास

सभी 8 इकाइयां फुल फॉर्म में:

ऊर्जा मंत्री ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि 2 जून 2026 को ही सूरतगढ़ थर्मल विद्युतगृह की सभी 8 इकाइयों ने अपनी कुल क्षमता 2820 मेगावाट में से अब तक का सर्वश्रेष्ठ 2790 मेगावाट विद्युत उत्पादन दर्ज किया।

थर्मल स्टेशन/इकाइयांकुल क्षमतारिकॉर्ड उत्पादन (2 जून 2026)क्षमता का उपयोग (Utilization)
कुल कोल आधारित (23 इकाइयां)7580 मेगावाट7171 मेगावाट94.60%
सूरतगढ़ थर्मल (08 इकाइयां)2820 मेगावाट2790 मेगावाटलगभग शत-प्रतिशत

ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर राजस्थान

उच्चाधिकारियों ने दी बधाई:

ऊर्जा सचिव आरती डोगरा ने इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर है। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशन में कार्य करते हुए बेहतर रखरखाव, कुशल वार्षिक अनुरक्षण (Maintenance) तथा श्रेष्ठ संचालन के कारण विद्युत उत्पादन ने यह शानदार सफलता हासिल की है।

राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक देवेन्द्र श्रृंगी ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए विद्युतगृहों के सभी अभियंताओं और तकनीकी कर्मचारियों की अनवरत मेहनत को इस सफलता का श्रेय दिया। इस खास मौके पर जोधपुर डिस्कॉम के एमडी डॉ. भंवर लाल, उत्पादन निगम व जयपुर डिस्कॉम के सभी निदेशक सहित ऊर्जा विभाग के तमाम उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

Live Sach – तेज़, भरोसेमंद हिंदी समाचार। राजनीति, राजस्थान से ब्रेकिंग न्यूज़, मनोरंजन, खेल और भारत की हर बड़ी खबर!

Share This Article