आठवें वेतन आयोग के इंतजार के बीच DA हाइक पर बड़ी खबर, 63% हो जाएगा महंगाई भत्ता!

Madhu Manjhi

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद अच्छी खबर आ रही है। देश के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारी जहाँ एक तरफ बेसब्री से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार उन्हें बढ़ती महंगाई से बड़ी राहत देने की तैयारी में है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, जुलाई 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 3 फीसदी तक की बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही सरकारी कर्मचारियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है।

क्यों बढ़ सकता है कर्मचारियों का महंगाई भत्ता? जानें गणित

अप्रैल के AICPI-IW आंकड़ों में दर्ज की गई बढ़त, 60% से बढ़कर 63% हो सकता है डीए।

कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में होने वाली इस संभावित बढ़ोतरी के पीछे लेबर ब्यूरो के हालिया आंकड़े हैं। औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी AICPI-IW के मार्च 2026 के आंकड़े 149.1 पर थे, जो अप्रैल 2026 में बढ़कर 149.9 पर पहुंच गए हैं। इस सूचकांक में आए उछाल के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कर्मचारियों को वर्तमान में मिल रहा 60% महंगाई भत्ता अब बढ़कर 63% हो सकता है। हालांकि, इस पर अंतिम मुहर मई और जून 2026 के अंतिम आंकड़ों के आने और केंद्रीय कैबिनेट (Union Cabinet) की औपचारिक मंजूरी के बाद ही लगेगी।

8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संगठनों ने रखीं ये 5 बड़ी मांगें

ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया के दौरान मिनिमम सैलरी और फिटमेंट फैक्टर पर रहा सबसे ज्यादा जोर।

आठवें वेतन आयोग का गठन होने के बाद आयोग ने कर्मचारी संगठनों और यूनियनों को अपनी मांगें और ज्ञापन सौंपने का समय दिया हुआ है। इस मौके का फायदा उठाते हुए विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपनी प्रमुख मांगों को आयोग के सामने पुरजोर तरीके से रखा है, जो कि इस प्रकार हैं:

  • फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी: कर्मचारियों की मांग है कि उनके वेतन के निर्धारण के लिए इस्तेमाल होने वाले फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को बढ़ाया जाए, जिससे बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल आए।
  • न्यूनतम वेतन में बड़ा इजाफा: निचले स्तर के कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए न्यूनतम मूल वेतन (Minimum Salary) को काफी हद तक बढ़ाने की मांग की गई है।
  • DA को बेसिक पे में शामिल करना: कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब महंगाई भत्ता एक निश्चित सीमा को पार कर जाए, तो उसे बेसिक सैलरी (Basic Pay) में मर्ज कर दिया जाना चाहिए।
  • मजबूत पेंशन व्यवस्था: सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए मौजूदा पेंशन व्यवस्था को और ज्यादा सुदृढ़ और फायदेमंद बनाने की वकालत की गई है।
  • 5 यूनिट का नया फॉर्मूला: वर्तमान समय में परिवार की जरूरतों और खर्चों को देखते हुए न्यूनतम वेतन तय करने के पुराने ‘तीन यूनिट’ वाले फॉर्मूले को बदलकर ‘पाँच यूनिट’ करने की मांग रखी गई है।

आखिर क्यों बढ़ाया जाता है DA और कैसे मिलता है इसका लाभ?

खाने-पीने और रहने की बढ़ती लागत के असर को कम करने के लिए सरकार समय-समय पर करती है संशोधन।

केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनधारकों को बढ़ती बाजार महंगाई से राहत देने के उद्देश्य से महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) और महंगाई राहत (Dearness Relief) प्रदान करती है। समय के साथ जब देश में खाने-पीने की वस्तुएं, मकान किराया, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य जरूरी चीजों का खर्च (Cost of Living) बढ़ता है, तो सरकार साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) डीए में संशोधन करती है। इसका सीधा मकसद कर्मचारियों की वास्तविक आय पर महंगाई के विपरीत असर को कम करना और उनके जीवन स्तर को बनाए रखना होता है।

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