जयपुर। राजधानी जयपुर का खो-नागोरियान इलाका लंबे समय से एक बड़े बारूद के ढेर पर बैठा हुआ था, जिसकी भयानक परिणति मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे के रूप में सामने आई। यहाँ घनी आबादी के बीच चल रही एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने 8 मासूम जिंदगियों को पल भर में राख कर दिया। इस धमाके में 8 लोग जिंदा जल गए, जबकि कई अन्य लोग सवाई मानसिंह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।
इस पूरे मामले में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह यह कि इस अवैध मौत के कारोबार का मुख्य संचालक कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि एक शातिर और आदतन अपराधी है, जिस पर दुष्कर्म (रेप) सहित 6 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आदतन अपराधी है मुख्य संचालक, 1996 से अपराध की दुनिया में
पुलिस और खुफिया तंत्र की पड़ताल में सामने आया है कि इस अवैध फैक्ट्री को दो भाई—कय्यूम और याकूब—मिलकर चला रहे थे। इनमें से कय्यूम एक शातिर और आदतन अपराधी है। कय्यूम का आपराधिक इतिहास तीन दशक पुराना है:
- 1996: मालवीय नगर थाने में मारपीट का पहला मुकदमा दर्ज हुआ।
- 1997: मालवीय नगर थाने में ही जानलेवा हमले (धारा 308) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज।
- 2002: दौसा के महुआ थाने में अवैध शराब तस्करी (आबकारी अधिनियम) का केस दर्ज।
- 2008: मालवीय नगर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा।
- 2013: ज्योति नगर थाने में संगीन धाराओं के तहत बलात्कार (रेप) का मुकदमा दर्ज हुआ।
- 2024: हाल ही में खो-नागोरियान थाने में फिर से मारपीट का मामला दर्ज किया गया था।
इसके विपरीत, उसका दूसरा भाई याकूब बैकग्राउंड में रहकर काम संभालता था और उस पर फिलहाल कोई पुराना मुकदमा दर्ज नहीं है।
जयपुर की 5 फैक्ट्रियों में अवैध नेटवर्क; दूसरे राज्यों में थी सप्लाई
जांच में यह बेहद खतरनाक बात सामने आई है कि कय्यूम और याकूब का यह अवैध नेटवर्क सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं था। वे जयपुर के अलग-अलग इलाकों में ऐसी ही 5 अवैध फैक्ट्रियों में बड़े पैमाने पर पटाखे और बारूद का निर्माण कर रहे थे। इसके लिए अवैध बारूद और कच्चा माल दिल्ली तथा तमिलनाडु के शिवकाशी जैसे इलाकों से गुपचुप तरीके से मंगवाया जा रहा था।
हैरानी की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे जयपुर में बनने वाले इन पटाखों की बड़ी खेप जयपुर को छोड़कर दिल्ली और देश के अन्य राज्यों में सप्लाई की जा रही थी ताकि स्थानीय पुलिस की नजरों से बचा जा सके। इस पूरे नेटवर्क को दिल्ली से बैठकर ऑपरेट करने वाले फिरोज नाम के एक शख्स को भी खो-नागोरियान थाने में दर्ज एफआईआर में नामजद किया गया है।
दिल्ली और गाजियाबाद के मजदूरों की शिनाख्त, कुल 8 मौतें बुधवार को पुलिस ने मलबे से निकाले गए दो और शवों की शिनाख्त गाजियाबाद के रहने वाले नासिर और दिल्ली के रहने वाले रेहान के रूप में की है। ये दोनों हादसे के वक्त फैक्ट्री के अंदर मजदूरी कर रहे थे। इनके अलावा अन्य 6 मृतकों की पहचान समीर, आजिम, अब्दुल वहीद, रबिल, बिलाल और अशरफ के रूप में हुई है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने सभी शव रोते-बिलखते परिजनों को सौंप दिए हैं।
हादसे के बाद आरोपी भाई फरार, पुलिस की विशेष टीमें गठित
घनी आबादी के बीच इतना बड़ा बारूद का गोदाम और फैक्ट्री कैसे चल रही थी, इसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। धमाके के बाद से ही मुख्य आरोपी कय्यूम, उसका भाई याकूब और दिल्ली का पार्टनर फिरोज अपने ठिकानों से फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, अवैध विस्फोटक अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की विशेष टीमें दिल्ली, दौसा और आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।