18 जून को होगा तीन सीटों के लिए रण; नामांकन के आखिरी दिन भाजपा खेमे में बढ़ी हलचल

Madhu Manjhi

जयपुर। राजस्थान में द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दोनों अधिकृत उम्मीदवारों— पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका सिंह गुर्जर ने विधानसभा पहुंचकर रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए हैं। भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम को एक बड़े संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन और एकजुटता के उत्सव के रूप में पेश किया। नामांकन से पूर्व राजधानी जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर एक विशेष अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ सहित राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री, बड़ी संख्या में विधायक और वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

भाजपा मुख्यालय में दोनों शीर्ष नेताओं का ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की अगुवाई में नेताओं और विधायकों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल विधानसभा भवन के लिए रवाना हुआ, जहां तय विधिक प्रक्रिया के तहत दोनों प्रत्याशियों ने पर्चे भरे।

सोशल इंजीनियरिंग: जाट और गुर्जर समाज को साधने की बड़ी रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने इस राज्यसभा चुनाव के जरिए राजस्थान के आगामी सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को बेहद बारीकी से साधने की दूरगामी रणनीति अपनाई है:

  • जाट समुदाय को संदेश: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया को उच्च सदन का टिकट देकर भाजपा ने मारवाड़ और शेखावाटी के सबसे प्रभावशाली जाट समुदाय को एक बेहद मजबूत और सकारात्मक राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है।
  • गुर्जर समाज के बीच पैठ: वहीं, राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका सिंह गुर्जर को प्रत्याशी बनाकर भाजपा ने पूर्वी राजस्थान सहित पूरे प्रदेश के गुर्जर समाज के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ को और अधिक सुदृढ़ व विधिक रूप से मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

दोनों ही नेताओं का प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के संगठन में लंबा अनुभव रहा है और वे जमीनी स्तर से उठकर पार्टी के विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं।

सांगठनिक निष्ठा को सम्मान; दोनों चेहरों का राष्ट्रीय कद

डॉ. सतीश पूनिया वर्तमान में हरियाणा भाजपा के प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं और हालिया चुनावों में उनके संगठनात्मक कौशल की मजबूत पहचान सामने आई है। दूसरी तरफ, डॉ. अलका सिंह गुर्जर राष्ट्रीय सचिव होने के साथ-साथ देश की राजधानी दिल्ली भाजपा की सह-प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इन दोनों समर्पित चेहरों को राज्यसभा भेजकर केंद्रीय नेतृत्व ने साफ संदेश दिया है कि पार्टी के लिए रात-दिन काम करने वाले मूल कार्यकर्ताओं और वैचारिक रूप से मजबूत नेताओं को संगठन में हमेशा सर्वाेच्च सम्मान दिया जाएगा।

18 जून को होगा मतदान; आंकड़ों के खेल में भाजपा का पलड़ा भारी

गौरतलब है कि राजस्थान की रिक्त हो रही तीन राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव आगामी 18 जून 2026 को निर्धारित किया गया है। विधिक कार्यक्रम के अनुसार, 18 जून को सुबह से दोपहर तक मतदान की प्रक्रिया चलेगी और इसी दिन शाम को मतगणना कर परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। राजस्थान विधानसभा में विधायकों की वर्तमान संख्या और राजनीतिक दलीय स्थिति के आधार पर भाजपा के दोनों उम्मीदवारों की जीत पूरी तरह तय मानी जा रही है। ऐसे में आज का यह भव्य नामांकन कार्यक्रम राज्यसभा चुनाव की अंतिम दिशा तय करने वाला एक मील का पत्थर और महत्वपूर्ण राजनीतिक आयोजन सिद्ध हुआ है।

Live Sach – तेज़, भरोसेमंद हिंदी समाचार। राजनीति, राजस्थान से ब्रेकिंग न्यूज़, मनोरंजन, खेल और भारत की हर बड़ी खबर!

Share This Article