जयपुर। राजस्थान के औद्योगिक विकास और ऊर्जा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होने वाली बहुप्रतीक्षित पचपदरा रिफाइनरी (Pachpadra Refinery) का इंतजार अब खत्म होने वाला है। रिफाइनरी में क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) के पुनर्स्थापन का काम तेजी से चल रहा है और 1 जून 2026 से यहां कमीशनिंग गतिविधियां (Commissioning Activities) विधिवत रूप से शुरू हो जाएंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ ही हफ्तों में इस रिफाइनरी से पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की निकासी शुरू हो जाएगी।
इस बात की जानकारी शुक्रवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में दी गई। इस बैठक में राज्य सरकार, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
1 जून से कमीशनिंग और जल्द उत्पादन की तैयारी
बैठक के दौरान पचपदरा रिफाइनरी परियोजना की वर्तमान प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। एचपीसीएल के प्रतिनिधियों ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि:
- क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) के पुनर्स्थापन (Restoration) के काम तय कार्यक्रम के अनुसार तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।
- 1 जून 2026 से कमीशनिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- कमीशनिंग के कुछ ही सप्ताह बाद रिफाइनरी से विभिन्न पेट्रोलियम उत्पाद (Petroleum Products) बाज़ार में आने की प्रबल संभावना है।
रिफाइनरी की अन्य प्रमुख इकाइयां भी अंतिम चरण में
रिफाइनरी को पूरी तरह से चालू करने के लिए इसकी कई तकनीकी और प्रमुख इकाइयां भी कमीशनिंग के उन्नत चरण (Advanced Stage) में पहुंच चुकी हैं। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि निम्नलिखित इकाइयों का काम लगभग पूरा हो चुका है:
- डीजल हाइड्रोटीटिंग यूनिट (DHDT)
- प्रोपलीन फ्लूड कैटेलिटिक क्रैकिंग यूनिट (PFCCU)
- डिलेड कोकिंग यूनिट (DCU)
- मोटर स्पिरिट ब्लॉक (MS Block)
राजस्थान के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति
इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी न केवल बाड़मेर बल्कि पूरे राजस्थान के लिए एक ‘गेम चेंजर’ (Game Changer) साबित होगी। रिफाइनरी में उत्पादन शुरू होने से प्रदेश में औद्योगिक विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी और रोजगार के अपार अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही, भारत के ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान की भूमिका और भी अधिक सशक्त और निर्णायक हो जाएगी।
राज्य सरकार और एचपीसीएल प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि रिफाइनरी का संचालन तय मानकों और पूर्ण सुरक्षा के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर शुरू हो जाए।