प्रतापगढ़। अपराधियों की धरपकड़ के साथ-साथ आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निवारण और उन्हें सीधे राहत पहुंचाने के लिए प्रतापगढ़ जिला पुलिस द्वारा एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है। इसी क्रम में जिला पुलिस को एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है।
जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्रसिंह जोधा के कुशल मार्गदर्शन में जिला साइबर सेल तथा समस्त थानाधिकारियों ने एक बेहतरीन संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस टीमों ने कड़े विधिक व तकनीकी प्रयासों से विभिन्न क्षेत्रों से गुम हुए कुल 121 मोबाइल हैंडसेट बरामद करने में सफलता हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार के मूल्यांकन के अनुसार इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 27 लाख रुपये आंकी गई है।
भारत सरकार के CEIR पोर्टल से मिली मदद
एसपी बी. आदित्य ने इस बड़ी रिकवरी के तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि इन मोबाइलों को ट्रैक करने में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा विकसित किए गए केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर यानी सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की तकनीकी सहायता ली गई।
जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज कराई गई मोबाइल गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर साइबर सेल ने इन सभी हैंडसेट्स के आईएमईआई (IMEI) नंबरों को सीईआईआर पोर्टल पर सर्विलांस और ट्रैकिंग पर सक्रिय किया था। पोर्टल से मिले सटीक तकनीकी इनपुट्स के बाद जिला पुलिस के थानाधिकारियों ने त्वरित फील्ड एक्शन लेते हुए इन सभी 121 मोबाइलों को रिकॉर्ड समय में ढूंढ निकाला।
विशेष कार्यक्रम में सौंपे गए मोबाइल, भावुक हुए मालिक
गुमशुदा मोबाइलों की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करने के बाद, प्रतापगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं विभिन्न थाना स्तरों पर एक विशेष मोबाइल सुपुर्दगी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
पुलिस द्वारा फोन कर बुलाए गए सभी मूल मोबाइल मालिकों और प्रार्थियों को पूरी वैधानिक तस्दीक (वेरिफिकेशन) के बाद उनके कीमती हैंडसेट पूरी गरिमा के साथ सुपुर्द किए गए। महीनों पहले खो चुके अपने महंगे मोबाइल और उनके भीतर सुरक्षित डेटा व यादों को वापस पाकर मोबाइल स्वामियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यक्रम के दौरान कई प्रार्थी अपने फोन को वापस देखकर भावुक हो गए और उन्होंने प्रतापगढ़ पुलिस के इस जनहितैषी व संवदेनशील कार्य की मुक्त कंठ से सराहना की।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि आमजन की संपत्ति की सुरक्षा और उनके खोए हुए सामान की रिकवरी के लिए साइबर सेल की यह विशेष मुहिम आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।