अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026: जयपुर के स्मारकों में पर्यटकों का शाही स्वागत, डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने लिया अल्बर्ट हॉल का जायजा

Madhu Manjhi
3 Min Read

जयपुर। विश्व संग्रहालय दिवस (International Museum Day) के विशेष अवसर पर आज गुलाबी नगरी जयपुर के ऐतिहासिक स्मारकों और राजकीय संग्रहालयों में अनूठा उत्सव देखने को मिला। राज्य सरकार और पुरातत्व विभाग के निर्देशानुसार आज अल्बर्ट हॉल, आमेर महल, हवामहल और जंतर-मंतर सहित सभी प्रमुख संरक्षित स्मारकों में देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क रखा गया। चिलचिलाती गर्मी और तेज धूप के बावजूद सुबह से ही ऐतिहासिक धरोहरों को निहारने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

अल्बर्ट हॉल पहुंचीं डिप्टी सीएम दीया कुमारी, जाना नवाचारों का हाल
संग्रहालय दिवस के मौके पर जयपुर के प्रसिद्ध अल्बर्ट हॉल म्यूजियम में पर्यटकों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर पारंपरिक राजस्थानी शैली में स्वागत किया गया। इस खास मौके पर प्रदेश की उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) दीया कुमारी भी अल्बर्ट हॉल पहुंचीं। उन्होंने पूरे म्यूजियम का निरीक्षण किया और वहां के रखरखाव का जायजा लिया।

डिप्टी सीएम ने पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे नए प्रयासों और नवाचारों की जानकारी ली। इस दौरान पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ. पंकज धीरेंद्र सहित अल्बर्ट हॉल म्यूजियम के अधीक्षक और विभाग के अन्य आला अधिकारी भी मौजूद रहे।

हवामहल में गूंजी लोक संस्कृति की धुन, पक्षियों के लिए बांधे परिंडे
विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर हवामहल स्मारक में भी रौनक देखते ही बनती थी। हवामहल की अधीक्षक सरोजनी चंचलानी के नेतृत्व में मुख्य प्रवेश द्वार पर बेहद खूबसूरत रंगोली सजाई गई और वहां आने वाले हर ‘पावणे’ (अतिथि) का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया।

- Advertisement -

लोक कला और कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए परिसर में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए:

कच्छी घोड़ी नृत्य: मांगणियार लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत शानदार ‘कच्छी घोड़ी नृत्य’ ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कठपुतली शो और लोकगीत: राजस्थानी लोकगीतों की मधुर धुनों और पारंपरिक कठपुतली शो का पर्यटकों ने जमकर लुत्फ उठाया।

एक अनूठी पहल: भीषण गर्मी को देखते हुए अधीक्षक सरोजनी चंचलानी, स्मारक के स्टाफ और स्वयं पर्यटकों ने मिलकर हवामहल परिसर में स्थित पेड़ों पर पक्षियों के लिए पानी के परिंडे बांधे। इसके साथ ही पर्यटकों को ऐतिहासिक धरोहरों की स्वच्छता बनाए रखने और उनकी सुरक्षा करने का संदेश भी दिया गया।

जंतर-मंतर पर उमड़ा जनसैलाब, आयोजित हुईं हेरिटेज वॉक
खगोलीय वेधशाला जंतर-मंतर पर भी राजस्थानी संस्कृति के अनूठे रंग बिखरे नजर आए। यहाँ पहुंचे पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। तापमान अधिक होने के बावजूद पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और परिसर खचाखच भरा नजर आया।

इसके अतिरिक्त, अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस से जुड़े आयोजनों की कड़ी में जयपुर के परकोटे (Walled City) में ‘हिस्टोरिकल टेम्पल वॉक’ और नाहरगढ़ किले की पहाड़ियों तक ‘हेरिटेज वॉक’ जैसे कई रोमांचक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें इतिहास और संस्कृति प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

Live Sach – तेज़, भरोसेमंद हिंदी समाचार। राजनीति, राजस्थान से ब्रेकिंग न्यूज़, मनोरंजन, खेल और भारत की हर बड़ी खबर!

Share This Article