राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की साख पर एक बार फिर गहरा प्रहार हुआ है। पेपर लीक और डमी कैंडिडेट जैसे विवादों के बीच, आयोग के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी मौजूदा कर्मचारी को फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार किया गया है। एसओजी (SOG) ने आरपीएससी के यूडीसी (UDC) मानसिंह मीणा और डमी कैंडिडेट बैठाकर अवैध तरीके से शिक्षक बने राजेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई प्राध्यापक (इतिहास) भर्ती परीक्षा-2022 में हुए बड़े फर्जीवाड़े से जुड़ी है।
डमी से बना था ‘इतिहास’ का शिक्षक
एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, करौली निवासी आरोपी राजेश मीणा ने वर्ष 2022 की प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में खुद बैठने के बजाय उम्मेद सिंह नामक डमी कैंडिडेट को पैसे देकर अपनी जगह बैठाया था। इस फर्जीवाड़े के दम पर राजेश ने परीक्षा पास कर ली और शिक्षक बन गया। लेकिन जब जांच शुरू हुई, तो इस फर्जीवाड़े की परतें खुलने लगीं।

रिकॉर्ड बदलने के लिए 8 लाख की रिश्वत
खुद को फंसता देख राजेश मीणा ने आरपीएससी में कार्यरत अपने परिचित यूडीसी मानसिंह मीणा से संपर्क किया, जो कि करौली का ही रहने वाला है। राजेश चाहता था कि आयोग के रिकॉर्ड में हेरफेर कर दी जाए ताकि उसका फर्जीवाड़ा कभी पकड़ में न आए। इसके बदले में यूडीसी मानसिंह ने 8 लाख रुपए की मांग की, जिसमें से 2 लाख रुपए एडवांस के तौर पर दिए जा चुके थे।
SOG की निरंतर कार्रवाई
एसओजी ने इस मामले में वर्ष 2025 में ही केस दर्ज कर लिया था। इससे पहले जांच एजेंसी ने डमी कैंडिडेट उम्मेद सिंह और उसके सहयोगी रमेश बिश्नोई को भी गिरफ्तार किया था। आरोपियों से हुई पूछताछ और सबूतों की कड़ी जोड़ते हुए एसओजी अब आरपीएससी के भीतर बैठे भ्रष्ट कर्मचारियों तक पहुँच गई है। यह पहली बार है जब पेपर लीक जैसे मामलों में आयोग के किसी सेवारत कार्मिक की सीधी संलिप्तता और गिरफ्तारी सामने आई है।
[केस प्रोफाइल: एक नजर में]
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| भर्ती परीक्षा | प्राध्यापक (इतिहास) भर्ती परीक्षा-2022 |
| गिरफ्तार कर्मचारी | मानसिंह मीणा (UDC, RPSC) |
| गिरफ्तार फर्जी शिक्षक | राजेश मीणा (करौली) |
| रिश्वत की डील | 8 लाख रुपए (2 लाख एडवांस दिए गए) |
| डमी कैंडिडेट | उम्मेद सिंह |
| जांच एजेंसी | एसओजी (SOG), राजस्थान |