राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की शुचिता को एक बार फिर उसके ही एक पूर्व सदस्य ने कलंकित किया है। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा ने स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 का पेपर पेपर लीक माफिया अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को 60 लाख रुपये में बेच दिया था। इस काली सौदेबाजी में कटारा ने न केवल नकद रकम ली, बल्कि अपने भांजे विजय डामोर को भर्ती कराने के लिए भूगोल और सामान्य ज्ञान (GK) के पेपर की भी ‘डिमांड’ रखी थी, जो उस समय दूसरे सदस्य के पास थे। जांच में सामने आया है कि कटारा अवैध रूप से कृषि विज्ञान का प्रश्नपत्र अपने सरकारी आवास ले गए थे, जहाँ उनके भांजे विजय ने उसे रजिस्टर में उतारा और बाद में यह रजिस्टर माफिया शेर सिंह मीणा को सौंप दिया गया।
इस पूरे महाघोटाले का भंडाफोड़ अशोक यादव (मेरिट में तीसरा स्थान) नामक अभ्यर्थी के नंबरों की जांच से हुआ। अशोक के सामान्य ज्ञान में 150 में से मात्र 68 अंक थे, जबकि कृषि विज्ञान में उसने 300 में से 239 अंक हासिल किए थे। SOG की सख्ती के बाद अशोक ने कबूल किया कि उसने 7 लाख रुपये में सॉल्वड पेपर खरीदा था। इसके साथ ही, ओपीजेएस (OPJS) यूनिवर्सिटी से बैकडेट में बनाई गई फर्जी मार्कशीट का भी खेल सामने आया, जिसके आधार पर अशोक और अनिता चौधरी जैसे लोग नौकरी कर रहे थे। SOG ने बाबूलाल कटारा, विजय डामोर और शेर सिंह मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच, एडीजी विशाल बंसल ने यह भी बताया कि नीट-2026 के एक कथित ‘गैस पेपर’ मामले की भी गहन जांच चल रही है, जिसमें देहरादून का एक संदिग्ध रडार पर है और दावा किया जा रहा है कि इस 150 पेज की पीडीएफ से 120 सवाल केमिस्ट्री में आने वाले थे।
News Update Checklist (Quick Reference)
| विवरण | प्रमुख तथ्य |
| मुख्य आरोपी | बाबूलाल कटारा (पूर्व RPSC सदस्य) |
| डील की राशि | ₹60 लाख नगद + भूगोल/GK का पेपर |
| भर्ती का नाम | स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) – 2022 |
| गिरफ्तारियां | बाबूलाल कटारा, विजय डामोर, शेर सिंह मीणा |
| मुख्य सबूत | हाथ से लिखा रजिस्टर, व्हाट्सएप चैट, फर्जी डिग्रियां |
| SOG नेतृत्व | ADG विशाल बंसल, IG अजय लांबा |