विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा वर्ष 2026 में 16 जुलाई, गुरुवार को आयोजित की जाएगी। यह पावन पर्व हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष द्वितीया तिथि 15 जुलाई की सुबह 11:50 बजे से प्रारंभ होकर 16 जुलाई की सुबह 08:52 बजे तक रहेगी। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, रथ यात्रा का मुख्य आयोजन 16 जुलाई को होगा। धार्मिक मान्यता है कि इस यात्रा में शामिल होने और भगवान के नाम का कीर्तन करने से व्यक्ति जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करता है। यह उत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सद्भाव का एक अनूठा उदाहरण है, जिसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उड़ीसा के पुरी पहुंचते हैं।
इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत ‘छेरा रस्म’ से होती है, जिसमें उड़ीसा के महाराज स्वयं सोने की झाड़ू से रथों के मार्ग की सफाई करते हैं। इस वर्ष भी तीन भव्य रथों का निर्माण किया जाएगा: भगवान जगन्नाथ के लिए 16 पहियों वाला नंदीघोष, बड़े भाई बलभद्र के लिए 14 पहियों वाला तालध्वज और बहन सुभद्रा के लिए 12 पहियों वाला दर्पदलन रथ। ये रथ श्रद्धालुओं द्वारा खींचकर जगन्नाथ मंदिर से गुंडिया मंदिर (मौसी के घर) तक ले जाए जाते हैं। यह उत्सव लगभग नौ दिनों तक चलता है, जिसमें भगवान कुछ दिन गुंडिया मंदिर में विश्राम करते हैं और फिर ‘बहुदा यात्रा’ के माध्यम से वापस अपने मुख्य मंदिर लौटते हैं।