घटिया क्वालिटी और कम सप्लाई पर घिरी कंपनी: राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने 3 दिन में माँगा स्पष्टीकरण

Madhu Manjhi

जयपुर: राजस्थान में महिलाओं और बालिकाओं के लिए सैनेटरी नैपकिन की आपूर्ति व्यवस्था में बड़ी खामियाँ सामने आई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMSCL) ने एचएलएल (HLL) कंपनी को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब तलब किया है।

कागजों पर सप्लायर, जमीन पर सप्लाई ठप

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में सैनेटरी नैपकिन सप्लाई के लिए जिन सहायक कंपनियों का चयन किया गया था, उनकी स्थिति संदेहास्पद है। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रस्तावित सप्लायरों में से एक कंपनी बंद हो चुकी है, जबकि दो अन्य ने पहले ही विभाग को लिखित में सूचित कर दिया था कि वे सप्लाई देने में असमर्थ हैं। इसके बावजूद, विभागीय अधिकारियों द्वारा इन फर्मों की भौतिक जाँच (फिजिकल टेस्टिंग) नहीं की गई।

माँग और आपूर्ति में भारी अंतर

जाँच में यह तथ्य सामने आया है कि संबंधित कंपनी ने साल भर में लगभग 39.20 करोड़ सैनेटरी नैपकिन सप्लाई करने का करार किया था। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि राजस्थान में इतनी ही संख्या में नैपकिन की आवश्यकता हर तीन महीने में पड़ती है। इस विसंगति के कारण प्रदेश भर में वितरण व्यवस्था चरमरा गई है।

क्वालिटी और नियमों का उल्लंघन

RMSCL द्वारा जारी नोटिस में कंपनी से कई कड़े सवाल पूछे गए हैं:

  • प्रदेश में घटिया गुणवत्ता (क्वालिटी) के सैनेटरी नैपकिन की सप्लाई क्यों की गई?
  • अनिवार्य नियमों के तहत नैपकिन के साथ ‘डिस्पोजेबल पाउच’ क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए?
  • सप्लाई में बाधा आने की जानकारी समय रहते विभाग को क्यों नहीं दी गई?

प्रशासनिक कार्रवाई

RMSCL के एमडी पुखराज सैन ने स्पष्ट किया है कि एचएलएल कंपनी को आधिकारिक नोटिस भेजा गया है। उन्होंने कहा कि तीन दिन के भीतर कंपनी का जवाब आने के बाद सभी तथ्यों की सूक्ष्मता से जाँच की जाएगी और नियमानुसार

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