बिजली कनेक्शन के नियमों में बड़ा बदलाव: 15 मीटर से ऊंची इमारतों और मॉल-अस्पताल के लिए विद्युत निरीक्षण अभी भी अनिवार्य

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जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। ऊर्जा विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, अब 1 एमवीए (MVA) तक की उत्पादन इकाइयों और 33 केवी (KV) तक के विद्युत कनेक्शनों के लिए उपभोक्ताओं को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब वे खुद अपने प्लांट और फिटिंग का ‘स्व-प्रमाणीकरण’ (Self-Certification) कर सकेंगे।

केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (विनियम 2023) के अंतर्गत किए गए ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।

मुख्य बिंदु: क्या बदला और किसे मिलेगी राहत?

सरकार की इस नई गाइडलाइन को निम्नलिखित बिंदुओं में विस्तार से समझा जा सकता है:

  • सोलर और विंड पावर को बढ़ावा: अब 1 एमवीए क्षमता तक की सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा इकाइयों को विद्युत निरीक्षक से जांच कराने की बाध्यता नहीं होगी। प्लांट मालिक खुद प्रमाणित कर सकेगा कि उसका प्लांट सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है।
  • 33 KV तक के कनेक्शन आसान: 33 केवी तक के वोल्टेज वाले कनेक्शनों के लिए उपभोक्ता या परिसर का मालिक खुद फिटिंग का स्व-प्रमाणीकरण कर सकेगा। हालांकि, उपभोक्ता के पास पोर्टल के जरिए सरकारी निरीक्षक से जांच कराने का विकल्प भी खुला रहेगा।
  • डिजिटल प्रक्रिया और पारदर्शिता: स्व-प्रमाण पत्र या निरीक्षक का प्रमाण पत्र विभागीय पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके बिना बिजली निगम कनेक्शन को विद्युतीकृत (Energize) नहीं करेगा।
  • 1 MVA से ऊपर अनिवार्य निरीक्षण: यदि उत्पादन इकाई की क्षमता 1 एमवीए से अधिक है, तो विभागीय पोर्टल के माध्यम से विद्युत निरीक्षक से प्रमाणीकरण कराना कानूनी रूप से आवश्यक होगा।

कहाँ लागू नहीं होंगे नए नियम? (सुरक्षा सर्वोपरि)

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहाँ जनहानि का खतरा अधिक है, वहां नियमों में कोई ढील नहीं दी गई है:

  1. बहुमंजिला इमारतें: 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों के लिए विद्युत निरीक्षक का प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।
  2. सार्वजनिक स्थल: अस्पताल, सिनेमा हॉल, थिएटर, मॉल, शैक्षणिक संस्थान, बेसमेंट और बड़े सभा स्थलों की सुरक्षा जांच केवल विद्युत निरीक्षक ही करेंगे।
  3. हाई वोल्टेज: 33 केवी से अधिक क्षमता वाले सभी कनेक्शनों के लिए सरकारी जांच अनिवार्य बनी रहेगी।
  4. VIP विजिट: वीआईपी मूवमेंट वाले क्षेत्रों में भी सुरक्षा की दृष्टि से निरीक्षण का अधिकार विभाग के पास ही सुरक्षित रहेगा।

पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन पोर्टल

अधिसूचना के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निष्पादित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य सामान्य कनेक्शन के लिए भ्रष्टाचार को खत्म करना और उपभोक्ताओं को दफ्तरों की दौड़ से बचाना है। सरकार का मानना है कि इस सरलीकरण से प्रदेश में सूक्ष्म और लघु उद्योगों (MSMEs) के साथ-साथ घरेलू उपभोक्ताओं को भी बड़ी राहत मिलेगी।

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