बैकलॉग घोटाला: कर्मचारी-अफसरों ने मुर्दा नंबरों को किया जिंदा; 18 दुपहिया और ट्रकों को बना दिया ‘लक्जरी कार’

Desk

जयपुर आरटीओ प्रथम में 3-डिजिट वाले फैंसी नंबरों को लेकर हुए बैकलॉग एंट्री घोटाले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं । गांधीनगर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए बाबू जहांगीर अली खान से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि कर्मचारियों और दलालों के गठजोड़ ने पुराने और समाप्त हो चुके वाहन नंबरों को दोबारा सक्रिय कर नए वाहनों पर फैंसी नंबर के रूप में चढ़ा दिया

ट्रक का नंबर बना ‘कार’ का वीआईपी नंबर

गांधीनगर थानाधिकारी भजनलाल के अनुसार, नंबर RNB-0055 जो 13 अक्टूबर 1981 को एक ट्रक के लिए पंजीकृत हुआ था और जिसकी वैधता 1996 में समाप्त हो चुकी थी, उसे 2025 में सिस्टम में बदलकर एक विली जीप (मोटर कार) पर सक्रिय कर दिया गया ।

जांच के सनसनीखेज आंकड़े:

जांच के दौरान 2,129 वाहनों के रिकॉर्ड खंगाले गए, जिसमें सामने आया कि प्रक्रिया में न तो वैध नवीनीकरण हुआ और न ही मूल मालिक से वैध हस्तांतरण । फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रिकॉर्ड और वाहन का प्रकार बदला गया:

  • 701 वाहन: इनके चेसिस नंबर में आंशिक या आधा परिवर्तन किया गया ।
  • 317 वाहन: इनका रिकॉर्ड 1981 और 2016 दोनों ही रिकॉर्ड में गायब मिला ।
  • 18 वाहन: दुपहिया या ट्रकों को चौपहिया वाहनों (Cars) में बदल दिया गया ।
  • 371 वाहन: इनके पंजीयन की मूल तिथि रिकॉर्ड में नहीं मिली ।
  • 74 वाहन: इनमें एक साथ तीन बड़े बदलाव (स्वामी का नाम, चेसिस और पंजीयन तिथि) पाए गए ।
  • 1,738 वाहन: जो 31 जनवरी 2018 के बाद निरस्त हो चुके थे, उन्हें बैकलॉग के जरिए दोबारा सक्रिय किया गया ।

फर्जीवाड़े का ‘नेटवर्क’: किसने, कितनी बार की ‘मदद’?

जांच रिपोर्ट के अनुसार, बैकलॉग एंट्री, वेरिफिकेशन और अप्रूवल का खेल अलग-अलग स्तरों पर खेला गया ताकि रिकॉर्ड को वैध बनाया जा सके

मुख्य संलिप्त कर्मचारी और उनके आंकड़े:

कर्मचारी/अफसरबैकलॉग एंट्रीवेरिफिकेशनअप्रूवल (रिकॉर्ड)चेसिस बदलावअप्रूवल (चेसिस)
शिव दाधीच182
दिवेश बला168
नीना सुखीजा100
सुरेश कुमार तनेजा921318256
अयूब खान1312495136
जहांगीर अली खान027979179193
राज सिंह782928
रमेश चंद्र मीणा5440
राजीव त्यागी148

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