उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध ‘चारधाम यात्रा 2026’ का आगाज होने जा रहा है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुल चुके हैं, वहीं केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुल रहे हैं। यात्रा की दुर्गमता और अत्यधिक ऊंचाई (3000 मीटर से ज्यादा) को देखते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने देशभर के श्रद्धालुओं के लिए एक विस्तृत हेल्थ एडवाइजरी जारी की है।
अत्यधिक ऊंचाई वाले इन क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और कड़ाके की ठंड को देखते हुए यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
यात्रा से पहले की तैयारी: ‘7 दिन का नियम’
स्वास्थ्य विभाग ने सुझाव दिया है कि यात्रा शुरू करने से कम से कम 7 दिन पहले श्रद्धालु रोजाना सुबह-शाम 10 से 20 मिनट वॉक और ब्रीदिंग एक्सरसाइज (प्राणायाम) शुरू कर दें।
- मेडिकल चेकअप: 55 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों और पहले से किसी बीमारी (शुगर, बीपी, हृदय रोग) से ग्रस्त लोगों के लिए हेल्थ चेकअप अनिवार्य है।
- दवाइयों का स्टॉक: अपनी नियमित दवाओं के साथ-साथ डॉक्टर के परामर्श पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए जरूरी दवाएं साथ रखें।
क्या करें (Do’s)
- अनुकूलन (Acclimatization): पहाड़ों पर चढ़ते समय शरीर को वहां के वातावरण के अनुसार ढालें। ऋषिकेश या हरिद्वार में एक दिन रुककर शरीर को तैयार करें।
- रुक-रुक कर चलें: केदारनाथ (21 किमी) और यमुनोत्री (5 किमी) की कठिन चढ़ाई के दौरान जल्दबाजी न करें। हर एक घंटे की चढ़ाई के बाद 5-10 मिनट का विश्राम लें।
- हाइड्रेशन: प्यास न लगने पर भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। अपने साथ ड्राई फ्रूट्स, बिस्किट और चॉकलेट जैसे एनर्जी देने वाले खाद्य पदार्थ रखें।
- गर्म कपड़े: मौसम कभी भी बदल सकता है, इसलिए ऊनी कपड़े, थर्मल, रेनकोट और वॉटरप्रूफ जूते साथ रखें।
क्या न करें (Don’ts)
- शराब और धूम्रपान: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शराब और धूम्रपान ऑक्सीजन के स्तर को तेजी से कम करते हैं और सांस लेने में दिक्कत पैदा कर सकते हैं, अतः इनका सेवन बिल्कुल न करें।
- भारी सामान: चढ़ाई के दौरान ज्यादा वजन लेकर न चलें।
- जंक फूड से परहेज: यात्रा के दौरान हल्का और सुपाच्य भोजन ही लें।
खतरे के संकेत: तुरंत डॉक्टर से मिलें
यदि यात्रा के दौरान आपको सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, लगातार खांसी, जी मिचलाना, उल्टी या बहुत ज्यादा सिरदर्द महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें। सरकार ने चारों धामों के रूट पर 1350 डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की है। तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र (PHC/CHC) पर जाकर जांच कराएं।