राजस्थान बार काउंसिल के बहुप्रतीक्षित चुनाव में आज उस समय हड़कंप मच गया जब प्रदेश के सबसे बड़े केंद्र जयपुर में मतदान शुरू होने के मात्र एक घंटे बाद ही वोटिंग रोकनी पड़ी। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच स्थित पोलिंग बूथ पर वकीलों ने फर्जी वोटिंग और धांधली के गंभीर आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया, जिसके बाद प्रशासन को मतदान स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा।
वोटर लिस्ट और बैलेट पेपर पर विवाद
मतदान केंद्र पर मौजूद महिला वकीलों ने आरोप लगाया कि चुनाव में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है। एक महिला अधिवक्ता ने बताया, “हमें वोटिंग स्लिप तो दे दी गई, लेकिन जब हम अंदर पहुंचे तो बैलेट पेपर ही नहीं मिले। कुछ वकीलों को तो यह कहकर वापस भेज दिया गया कि उनका वोट पहले ही डाला जा चुका है।” अधिवक्ताओं ने इसे न्यायपालिका के इतिहास में एक ‘काला दिन’ करार दिया है।
जयपुर में था सबसे बड़ा जमावड़ा
बार काउंसिल चुनाव के लिए जयपुर में कुल 22 हजार मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से अकेले हाईकोर्ट पीठ पर 14,781 मतदाता हैं। मतदान को सुचारू बनाने के लिए हाईकोर्ट बूथ पर 200 केबिन बनाए गए थे, ताकि एक साथ 200 वकील मतदान कर सकें। लेकिन भारी अव्यवस्था और फर्जीवाड़े की शिकायतों ने पूरी चुनावी प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिया है।
8 साल का लंबा इंतजार और फिर हंगामा
बता दें कि बार काउंसिल ऑफ राजस्थान अधिवक्ताओं की सर्वोच्च संस्था है। इसका चुनाव नियमतः हर 5 साल में होना चाहिए, लेकिन विभिन्न कारणों से यह पिछले 8 साल से टल रहा था। अंततः सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार की निगरानी में यह चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस चुनाव के जरिए 23 सदस्य चुने जाने हैं, जो मिलकर नए चेयरमैन का चुनाव करेंगे।
फिलहाल जयपुर के कुछ बूथों पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और मतदान दोबारा कब शुरू होगा, इसे लेकर संशय बना हुआ है।