राजस्थान की सियासत में महिला आरक्षण का मुद्दा अब एक नए ‘जंग’ में तब्दील हो गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा के बयानों पर पलटवार करते हुए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (RPCC) ने एक बड़ा ‘काउंटर अटैक’ शुरू कर दिया है। पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार, कांग्रेस 22 से 24 अप्रैल 2026 तक प्रदेश के सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भाजपा के ‘राजनीतिक षड्यंत्र’ को उजागर करेगी।
भाजपा ने आरक्षण को ‘भूलभुलैया’ में फंसाया: डोटासरा
गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा ने महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की ऐसी जटिल शर्तों में उलझा दिया है, जिससे महिलाओं को उनका वास्तविक हक 2029 तक मिलना लगभग नामुमकिन है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा इसे केवल चुनावी चुनावी स्टंट के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
मैदान में कांग्रेस की महिला ‘ब्रिगेड’
भाजपा के ‘भ्रम’ को तोड़ने के लिए कांग्रेस ने अपनी सीनियर महिला नेताओं की सूची जारी की है। ये नेत्रियां जिला स्तर पर मोर्चा संभालेंगी और जनता को भाजपा की ‘नीति और नीयत’ के बीच का अंतर बताएंगी।
प्रमुख जिला समन्वयक और उनकी जिम्मेदारी:
- बीकानेर: डॉ. कृष्णा पूनिया
- सीकर / नीमकाथाना: शकुंतला रावत
- कोटपूतली-बहरोड़: जाहिदा खान
- डीग / भरतपुर: ममता भूपेश
- धौलपुर: सफिया जुबेर
- चित्तौड़गढ़: मनीषा पंवार
- जोधपुर: संगीता बेनीवाल
- प्रतापगढ़: उर्मिला जैन भाया
डोटासरा के 4 तीखे सवाल
कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार से चार प्रमुख सवाल पूछे हैं, जो इस प्रेस वार्ता का मुख्य केंद्र रहेंगे:
- देरी की साजिश: जब 2014 से भाजपा सत्ता में है, तो समय पर जनगणना क्यों नहीं करवाई गई?
- नोटिफिकेशन में झोल: बिल पास होने के बाद गजट नोटिफिकेशन में इतनी देरी क्यों हुई?
- परिसीमन का डर: क्या भाजपा पूरे देश में परिसीमन को अपने सियासी फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहती है?
- तत्काल लागू क्यों नहीं?: वर्तमान 543 सीटों पर ही 33% आरक्षण तुरंत लागू करने में सरकार को क्या समस्या है?
कांग्रेस का स्पष्ट स्टैंड है कि वह महिला आरक्षण की पक्षधर रही है और चाहती है कि महिलाओं को बिना किसी जनगणना या परिसीमन की शर्त के तुरंत उनका अधिकार दिया जाए।