लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार: जयपुर में IFWJ का 19वें दिन ‘हल्ला बोल’, पत्रकारों ने दी गिरफ्तारी

Madhu Manjhi
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राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हो रहे हमलों के खिलाफ पत्रकारों का आक्रोश सातवें आसमान पर है। Indian Federation of Working Journalists (IFWJ) के बैनर तले चल रहा धरना गुरुवार को 19वें दिन और भी उग्र हो गया। प्रदेश में पत्रकारों की आजीविका पर बुलडोजर चलाने, रंजिशन झूठे मुकदमे दर्ज करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने के विरोध में आज प्रदेशभर से सैकड़ों पत्रकारों ने ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन किया।

सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ भारी नारेबाजी

प्रदर्शनकारियों का मुख्य विरोध एक वरिष्ठ पत्रकार की आजीविका पर प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर चलाए गए बुलडोजर और पत्रकारों के खिलाफ बढ़ते झूठे मुकदमों को लेकर है। पत्रकारों ने इसे राज्य सरकार की हठधर्मिता करार देते हुए कहा कि यह प्रेस की आजादी पर सीधा हमला है। धरने के दौरान सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई।

विधायक गोपाल शर्मा ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा

आंदोलन को समर्थन देने के लिए वरिष्ठ पत्रकार और सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने IFWJ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़, महासचिव मनवीर सिंह चुंडावत और प्रदेश सचिव विक्रम सिंह करनोत से संवाद किया। विधायक शर्मा ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि वे इस गंभीर मामले को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के समक्ष मजबूती से रखेंगे और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराएंगे।

पुलिस और पत्रकारों के बीच झड़प, कई हिरासत में

शहीद स्मारक पर सभा के बाद बड़ी संख्या में पत्रकार अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने के लिए मुख्यमंत्री आवास की ओर रवाना हुए। हालांकि, पुलिस ने भारी बेरिकेडिंग कर उन्हें बीच रास्ते में ही रोक लिया। जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस और पत्रकारों के बीच तीखी झड़प हुई। इसके बाद पुलिस ने कई पत्रकारों को हिरासत में लेकर शिप्रा पथ थाने भेज दिया।

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आगामी रणनीति की चेतावनी

इस प्रदर्शन में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दिनेश बोहरा, जैसलमेर जिलाध्यक्ष गणपत दैय्या, सिरोही जिलाध्यक्ष अशोक कुमावत सहित बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। आंदोलन के अगले चरण का निर्णय जल्द ही कोर कमेटी की बैठक में लिया जाएगा।

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