“दादी ने सिखाया था अंधेरे में देखना”: राहुल गांधी ने शिव और शक्ति के बहाने केंद्र को घेरा, बोले- “यह राष्ट्र विरोधी कृत्य है”

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार पर अब तक का सबसे कड़ा हमला बोला। सदन में बोलते हुए राहुल गांधी ने सरकार पर महिला सशक्तिकरण की आड़ में भारत का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री के पिछले नीतिगत फैसलों को “नाकाम जादूगरी” करार देते हुए कहा कि “जादूगर अब अपनी चालें भूल चुका है।”

दादी की सीख और शिव का दर्शन

राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत एक व्यक्तिगत किस्से से की। उन्होंने अपनी दादी (इंदिरा गांधी) को याद करते हुए कहा, “मेरी दादी ने मुझसे कहा था- राहुल, मैं चाहती हूँ कि तुम अंधेरे में देखने के काबिल बनो। भगवान शिव का मूल विचार भी यही है—अंधेरे में देखना। वह देखना जो दूसरे नहीं देख पाते, अपने डर का सामना करना। असली ताकत और शक्ति हमेशा अंधेरे में छिपी होती है, वह कभी खुद को जाहिर नहीं करती।”

इस दार्शनिक संदर्भ का उपयोग करते हुए उन्होंने सरकार पर निशाना साधा और कहा कि आज सत्ता के गलियारों में ‘जादूगर’ (पीएम मोदी) और ‘उद्योगपति’ के बीच एक गहरी साझेदारी चल रही है, जो पर्दे के पीछे से देश को नियंत्रित कर रही है।

महिला आरक्षण और परिसीमन पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को सरकार की एक राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार का असली इरादा सुधार नहीं, बल्कि परिसीमन (Delimitation) के जरिए चुनावी गणित को अपने पक्ष में करना है।

उन्होंने कहा, “यह महिला विधेयक नहीं है, बल्कि भारत के चुनावी मानचित्र को बदलने का एक प्रयास है। सत्ताधारी दल भारत की महिलाओं के पीछे छिपकर बड़े संरचनात्मक राजनीतिक बदलाव थोपना चाहता है।” राहुल ने इसे भाजपा की ‘घबराहट’ (Panic Reaction) बताते हुए कहा कि पीएम मोदी यह संदेश देना चाहते थे कि वे महिला समर्थक हैं, जबकि असल में वह इसे लागू करने में देरी कर रहे हैं।

OBC और दक्षिण भारत के अधिकारों का हनन

जाति जनगणना के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए विपक्ष के नेता ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि अगले 15 वर्षों तक पिछड़ों को उनका सही प्रतिनिधित्व न मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का मुख्य एजेंडा ओबीसी (OBC) समुदाय को सत्ता और प्रतिनिधित्व से दूर रखना है।

इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि परिसीमन के माध्यम से दक्षिण भारत, उत्तर-पूर्वी राज्यों और छोटे राज्यों के राजनीतिक प्रभाव को कम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, “सरकार जो कर रही है वह ‘राष्ट्र-विरोधी’ कृत्य से कम नहीं है। हम ऐसा नहीं होने देंगे, पूरा विपक्ष एकजुट होकर इसे हराएगा।”

“नाकाम चालें और जादूगरी”

राहुल गांधी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘नोटबंदी’ जैसे फैसलों का जिक्र करते हुए इन्हें “विफल चालें” बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की दिखावे की राजनीति और प्रदर्शन (Showmanship) के नीचे अब सच्चाई सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि अदृश्य शक्तियां देश को चला रही हैं और विपक्ष अब इस सच्चाई को जनता के सामने लाने के लिए अडिग है।

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