मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान में कानून का राज स्थापित करना और अपराध पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शुक्रवार देर रात पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस तंत्र को और अधिक मारक और जवाबदेह बनाने के लिए कई कड़े निर्देश दिए।

जवाबदेही तय: लापरवाही पर अब नहीं मिलेगी माफी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि थानों में दर्ज होने वाली एफआईआर (FIR) का अनुसंधान (Investigation) पूरी तरह समयबद्ध होना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि अनुसंधान में बेवजह देरी या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- निरीक्षण का नया शेड्यूल: अब पुलिस अधीक्षक (SP) नियमित रूप से थानों का और पुलिस महानिरीक्षक (IG) एसपी कार्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे।
अपराध के आंकड़ों में ऐतिहासिक गिरावट (2023 बनाम 2025-26)
बैठक में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान पुलिस की सक्रियता से विभिन्न श्रेणियों के अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है:
| अपराध की श्रेणी | गिरावट का प्रतिशत (%) |
| कुल अपराध (Overall Crime) | -18.77% |
| डकैती (Robbery) | -47.26% |
| लूट (Loot) | -50.75% |
| नकबजनी व चोरी (Theft) | -33.75% |
| हत्या (Murder) | -25.68% |
| SC-ST के विरुद्ध अपराध | -28.29% |
| महिला अत्याचार | -9.94% |
त्वरित न्याय का प्रमाण: वर्ष 2023 में बलात्कार व पोक्सो मामलों में अनुसंधान का समय 107 दिन था, जो अब घटकर मात्र 40 से 42 दिन रह गया है।
साइबर क्राइम और संगठित अपराध पर ‘नया मास्टर प्लान’
मुख्यमंत्री ने साइबर ठगी को प्रदेश की बड़ी चुनौती मानते हुए इसके लिए उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस न केवल ठगों को पकड़े, बल्कि साइबर ठगी के शिकार हुए पीड़ितों के साथ संवाद कर उन्हें राहत भी पहुँचाए। इसके अलावा:

- लोकल नेटवर्क का खात्मा: गैंगस्टर्स और संगठित अपराधों को जड़ से उखाड़ने के लिए उनके स्थानीय मददगारों (Local Network) को खत्म करने के निर्देश दिए गए।
- बॉर्डर पर निगरानी: मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती इलाकों में विशेष कार्ययोजना लागू की जाएगी।
कम्यूनिटी पुलिसिंग: महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी
सीएम ने ‘कम्यूनिटी पुलिसिंग’ को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएलजी (CLG) समितियों में महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाए ताकि महिला सुरक्षा के मुद्दों पर सीधा फीडबैक मिल सके।
पेपरलीक फ्री राजस्थान: नकल माफियाओं की शामत
बैठक में बताया गया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में SIT के गठन के बाद एक भी पेपरलीक की घटना नहीं हुई है। डमी अभ्यर्थी, फर्जी डिग्री और फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने वालों के खिलाफ लगातार एक्शन लिया जा रहा है, जिससे युवाओं का सरकार पर विश्वास बढ़ा है।
मुख्यमंत्री का संदेश:
“पुलिस के कंधों पर पूरे समाज की जिम्मेदारी है। प्रदेश में निवेश अनुकूल माहौल तभी बनेगा जब कानून-व्यवस्था मजबूत होगी। हमारा ध्येय आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर का है।”