हनुमानगढ़ जिले के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। घग्घर नदी का बहाव क्षेत्र अब न केवल सुरक्षित होगा, बल्कि शहर की खूबसूरती का मुख्य केंद्र भी बनेगा। राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत ₹325 करोड़ की लागत से घग्घर के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के कार्यों को हरी झंडी मिल गई है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाने का काम शुरू हो चुका है और कंसल्टेंट एजेंसी नेपकोन (NEPCON) की टीम धरातल पर संभावनाएं तलाश रही है।
दो चरणों में पूरा होगा ‘सपनों का प्रोजेक्ट’
घग्घर बाढ़ नियंत्रण और जल संसाधन विभाग ने इस योजना को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया है:
- पहला चरण (सुरक्षा): नदी की साइड लाइनिंग (किनारों) को पक्का किया जाएगा ताकि भविष्य में बाढ़ के खतरे को कम किया जा सके और कटाव रोका जा सके।
- दूसरा चरण (सौंदर्यीकरण): शहरी क्षेत्र से गुजर रही नदी में नगर परिषद के सहयोग से आकर्षक लाइटिंग लगाई जाएगी। यहाँ साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर पर्यटन केंद्र विकसित करने और नाव (Boating) चलाने की भी योजना है।
ग्रामीणों ने उठाए सीमांकन और अवैध बंधों के मुद्दे
परियोजना को पारदर्शी बनाने के लिए नेपकोन एजेंसी गांवों में शिविर लगाकर सुझाव ले रही है। गुरुवार को गंगागढ़ में आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने मांग की कि:
- नाली बेड का सही सीमांकन (Demarcation) किया जाए।
- बहाव क्षेत्र से अवैध बंधे हटाए जाएं।
- घग्घर के अतिरिक्त पानी को पाइप लाइन के जरिए बारानी (सूखे) क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए ताकि सिंचाई में मदद मिले।मुख्य अभियंता प्रदीप रुस्तगी ने अधिकारियों को प्रशासन के साथ मिलकर सीमांकन की कार्रवाई तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
शिवालिक से पाकिस्तान तक का सफर
घग्घर नदी हिमाचल प्रदेश के शिमला के पास शिवालिक की पहाड़ियों से निकलती है। पंजाब और हरियाणा से होते हुए यह राजस्थान के हनुमानगढ़ में प्रवेश करती है और अनूपगढ़ के रास्ते पाक सीमा स्थित भेड़ताल तक जाती है।
आंकड़ों की जुबानी: घग्घर में पानी का बहाव (2000-2025)
नाली बेड में पिछले 25 वर्षों के दौरान पानी की स्थिति (क्यूसेक में) को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है। इसमें साल 2023 में अब तक का सर्वाधिक 7000 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था:
| वर्ष | अधिकतम पानी (क्यूसेक) | वर्ष | अधिकतम पानी (क्यूसेक) |
| 2000 | 5000 | 2021 | 5000 |
| 2005 | 3000 | 2022 | 5000 |
| 2010 | 5000 | 2023 | 7000 (सर्वाधिक) |
| 2015 | 4000 | 2024 | 3950 |
| 2020 | 3000 | 2025 | 6000 |