जिला मुख्यालय की ऐतिहासिक धरोहर और स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना मेड़तनी बावड़ी अब जल्द ही अपने पुराने वैभव में नजर आएगी। इस प्राचीन बावड़ी के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए सरकार ने 2.50 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इस कदम से न केवल इस विरासत को सुरक्षित किया जा सकेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा।
दो योजनाओं के संगम से होगा विकास इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए फंड का इंतजाम दो अलग-अलग स्रोतों से किया गया है:
- पर्यटन विभाग: 1.25 करोड़ रुपये।
- श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना: 1.25 करोड़ रुपये। इस कार्य की कार्यकारी एजेंसी पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग को बनाया गया है, जिसने पुनरुद्धार के प्रस्ताव जिला परिषद को भेज दिए हैं।
पर्यटकों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं पुनरुद्धार कार्य के दौरान बावड़ी के मूल ऐतिहासिक स्वरूप से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी, बल्कि उसे सुरक्षित रखते हुए सौंदर्यीकरण किया जाएगा। परियोजना में मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य शामिल हैं:
- पार्किंग स्थल: पर्यटकों के वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग विकसित की जाएगी।
- सुरक्षा रैलिंग: बावड़ी के गहरे हिस्सों में दुर्घटना रोकने के लिए मजबूत रैलिंग लगाई जाएगी।
- पेयजल व्यवस्था: परिसर में आने वाले आगंतुकों के लिए शुद्ध पीने के पानी का इंतजाम होगा।
- साफ-सफाई और मरम्मत: बावड़ी की तली की सफाई, चारदीवारी की मरम्मत और अन्य आवश्यक जीर्णोद्धार कार्य किए जाएंगे।
पर्यटन में होगा इजाफा वर्तमान में मेड़तनी बावड़ी की स्थापत्य कला को देखने के लिए हर महीने करीब पांच हजार पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटन विभाग का मानना है कि सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के बाद यहां आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य बिंदु: मेड़तनी बावड़ी पुनरुद्धार प्रोजेक्ट
- कुल बजट: 2.50 करोड़ रुपये।
- एजेंसी: पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग।
- प्रमुख कार्य: पार्किंग, रैलिंग, चारदीवारी मरम्मत और तली की सफाई।
- लक्ष्य: ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना।