राजस्थान में स्कूली बच्चों को साइबर अपराधों से बचाने और उनकी शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए एक अनूठी पहल शुरू की गई है। अब प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा किया जाएगा। इसके लिए जयपुर की 250 स्कूलों सहित प्रदेश भर के शिक्षण संस्थानों में ‘कोर्ट वाली दीदी’ नाम से विशेष शिकायत बॉक्स रखे जा रहे हैं।
क्या है ‘कोर्ट वाली दीदी’ बॉक्स?
इस पहल के तहत छात्र अपनी साइबर अपराध से जुड़ी कोई भी शिकायत लिखकर इस बॉक्स में डाल सकेंगे। ये शिकायतें स्कूल प्रशासन के पास न जाकर सीधे संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पास पहुँचेंगी।
- गोपनीयता: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के सचिव पवन जिनवाल ने बताया कि शिकायत करने वाले स्टूडेंट की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
- उद्देश्य: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) द्वारा युवाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘एक विधिक साक्षरता पहल’ अभियान के तहत यह कदम उठाया गया है।
‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’: आज 4 लाख बच्चों की क्लास लेंगे जज
रालसा द्वारा हर मंगलवार को ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ (Transformative Tuesday) अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत:
- प्रदेश के 1400 न्यायिक अफसर आज (मंगलवार) सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक सरकारी स्कूलों का दौरा करेंगे।
- कक्षा 8वीं से 12वीं तक के 4 लाख से ज्यादा बच्चों को साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के तरीके सिखाए जाएंगे।
- यह विशेष अभियान अगले 10 महीनों तक लगातार संचालित किया जाएगा।
साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी घेराबंदी
बदलते दौर में बच्चे इंटरनेट और सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे वे साइबर अपराधियों के निशाने पर आ जाते हैं। ‘कोर्ट वाली दीदी’ बॉक्स और न्यायिक अफसरों की क्लास के जरिए बच्चों में कानूनी जागरूकता पैदा की जाएगी, ताकि वे किसी भी अनहोनी की स्थिति में डरे बिना अपनी बात कानूनी विशेषज्ञों तक पहुंचा सकें।