भीलवाड़ा में अवैध गार्नेट खनन कारोबारियों से वसूली करने वाली गैंग के मामले में पुलिस महकमे की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्रोबेशनर IPS और सीओ सदर माधव उपाध्याय को सोमवार दोपहर तत्काल प्रभाव से एपीओ (APO) कर दिया गया है। संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में हालांकि ‘प्रशासनिक कारणों’ का हवाला दिया गया है, लेकिन इसे सीधे तौर पर रविवार को पकड़ी गई वसूली गैंग के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
भीलवाड़ा पुलिस ने रविवार को वसूली करने वाली एक गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिसमें जहाजपुर विधायक गोपी मीणा का प्रतिनिधि अजय पांचाल मुख्य आरोपी है। यह गैंग क्षेत्र के गार्नेट खनन कारोबारियों से हर महीने मोटी रकम की वसूली कर रही थी। अजय पांचाल की गिरफ्तारी के बाद जब उसके मोबाइल की जांच की गई, तो उसमें IPS माधव उपाध्याय के साथ कथित ‘हिसाब-किताब’ और व्हाट्सएप चैट से जुड़ी बातें सामने आईं।
DGP ने बिछाई जांच का जाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए DGP राजीव कुमार शर्मा ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। अजमेर जीआरपी एसपी नरेंद्र सिंह को इस जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि अजय पांचाल पुलिस को इनपुट देता था और IPS माधव उन सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते थे। अब जांच इस बिंदु पर टिकी है कि क्या इन कार्यवाइयों के पीछे पैसे की वसूली का खेल भी चल रहा था?
IPS और SP का पक्ष
इधर, IPS माधव उपाध्याय ने अपनी सफाई में कहा है कि उनका इस मामले में कोई रोल नहीं है। उन्होंने बताया कि अजय पांचाल से उनकी मुलाकात एसपी ऑफिस में एक केस के सिलसिले में हुई थी, जहाँ उसने कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की थीं। उन्होंने चैट से जुड़ी बातों को गलत बताया है।
वहीँ, एसपी धर्मेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि अजय पांचाल कुछ समय पहले जहाजपुर विधायक गोपी मीणा के साथ जन समस्याएं लेकर उनके ऑफिस आया था। उस समय प्रोबेशनर IPS माधव उपाध्याय भी वहीं मौजूद थे। एसपी ने कहा कि अपराधियों के साथ जिन-जिन पुलिसकर्मियों के वीडियो या नाम सामने आए हैं, उन सभी की शिकायतों पर गंभीरता से जांच की जा रही है।
V. घटनाक्रम: एक नज़र में (Quick Summary)
| विवरण | जानकारी |
| अधिकारी का नाम | माधव उपाध्याय (प्रोबेशनर IPS, सीओ सदर) |
| मुख्य आरोपी | अजय पांचाल (विधायक प्रतिनिधि) |
| आरोप | वसूली गैंग के साथ साठगांठ और संदिग्ध व्हाट्सएप चैट |
| कार्रवाई | APO (पदस्थापन की प्रतीक्षा में) एवं विजिलेंस जांच शुरू |
| जांच अधिकारी | नरेंद्र सिंह (SP, GRP अजमेर) |