आम आदमी को ‘मोदी मंत्र’: न पेट्रोल महंगा होगा, न लगेगा लॉकडाउन; जानिए कैसे सरकार ने संभाला बिगड़ता बाजार

पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार में मची उथल-पुथल के बीच भारत सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर विशेष एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में ₹10-₹10 प्रति लीटर की कटौती करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें $122 प्रति बैरल को पार करने के बावजूद घरेलू बाजार में कीमतों को स्थिर रखना है।

राहत का गणित: ₹1.75 लाख करोड़ का बोझ उठाएगी सरकार

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल की वजह से तेल कंपनियों को पेट्रोल पर ₹26 और डीजल पर ₹81.90 प्रति लीटर का घाटा हो रहा था। कंपनियों का दैनिक घाटा ₹2,400 करोड़ तक पहुंच गया था। सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर इस बढ़ते दबाव को खुद झेलने का फैसला किया है, जिससे सरकारी खजाने पर सालाना ₹1.75 लाख करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

विंडफॉल टैक्स से सुनिश्चित होगी घरेलू सप्लाई

देश में ईंधन की कमी न हो, इसके लिए सरकार ने डीजल निर्यात पर ₹21.5 और विमान ईंधन (ATF) पर ₹29.5 प्रति लीटर विंडफॉल टैक्स लागू किया है। इससे निजी रिफाइनरी कंपनियां ज्यादा मुनाफे के लालच में ईंधन विदेश नहीं भेज पाएंगी। अब रिफाइनरियों को अपने पेट्रोल निर्यात का 50% और डीजल निर्यात का 30% हिस्सा अनिवार्य रूप से घरेलू बाजार में बेचना होगा।

लॉकडाउन की अफवाहों पर ‘सख्त’ स्पष्टीकरण

देश में बढ़ते तनाव और तेल की राशनिंग की अफवाहों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि “देश में लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।” उन्होंने नेताओं और जनता से अपील की कि वे डर का माहौल पैदा करने वाली अफवाहों से बचें। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी आश्वस्त किया कि सभी पेट्रोल पंपों पर स्टॉक पर्याप्त है।

युद्ध की आंच में झुलसा बाजार और रुपया एक तरफ सरकार ने राहत दी है, तो दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय युद्ध के कारण भारतीय बाजार पर दबाव साफ दिख रहा है।

  • शेयर बाजार: शुक्रवार को सेंसेक्स 1,690 अंक (2.25%) टूटकर 73,583 पर बंद हुआ।
  • रुपया: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया ₹94.89 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है।
  • LPG सप्लाई: कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाकर 70% कर दी गई है ताकि उद्योगों और होटलों को संकट न झेलना पड़े।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर उन्हें ‘टीम इंडिया’ की भावना से एकजुट रहने और युद्ध के कारण बन रहे हालातों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया है।

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