नई दिल्ली: देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों (Ration Card Holders) के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी और राहत देने वाली घोषणा की है। केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अनुसार, अब सभी लाभार्थियों को अप्रैल महीने में ही आगामी तीन महीनों यानी अप्रैल, मई और जून का राशन एक साथ वितरित कर दिया जाएगा। इस फैसले से उन गरीब परिवारों को बड़ी मदद मिलेगी जो अपनी खाद्य सुरक्षा के लिए पूरी तरह सरकारी राशन पर निर्भर हैं।
किसे और कितना मिलता है लाभ?
वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज (गेहूं और चावल मिलाकर) प्रदान किया जाता है। वहीं, समाज के सबसे गरीब तबके के लिए संचालित ‘अंत्योदय अन्न योजना’ (AAY) के तहत प्रति परिवार 35 किलो तक राशन मुहैया कराया जाता है। इसके अतिरिक्त, राज्यवार व्यवस्था के अनुसार कई स्थानों पर चीनी और केरोसिन का वितरण भी किया जाता है।
सख्ती: 41 लाख से ज्यादा अपात्र राशन कार्ड रद्द
एक तरफ सरकार ने एडवांस राशन की सहूलियत दी है, तो दूसरी तरफ अपात्र और अवैध रूप से राशन उठा रहे लोगों पर सर्जिकल स्ट्राइक भी की है। केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी साझा की है कि वर्ष 2025 के दौरान देशभर में कुल 41.41 लाख अपात्र राशन कार्ड खत्म किए गए हैं। यह कार्रवाई फर्जी लाभार्थियों को सिस्टम से बाहर करने और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से की गई है।
हरियाणा और राजस्थान में सबसे ज्यादा कार्रवाई
खाद्य राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया ने राज्यसभा में इस कार्रवाई का ब्योरा पेश किया। आंकड़ों के मुताबिक, फर्जी कार्ड रद्द करने के मामले में हरियाणा पूरे देश में शीर्ष पर रहा है, जबकि राजस्थान दूसरे नंबर पर है।
प्रमुख राज्यों के आंकड़े (रद्द किए गए कार्ड):
- हरियाणा: 13.43 लाख (सर्वाधिक)
- राजस्थान: 6.05 लाख
- उत्तर प्रदेश: 5.97 लाख
- पश्चिम बंगाल: 3.74 लाख
- मध्य प्रदेश: 2.60 लाख
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार लिंकिंग के माध्यम से अपात्रों की पहचान लगातार जारी है। एडवांस राशन की सुविधा मिलने से जहां त्योहारों और गर्मी के सीजन में लोगों को सहूलियत होगी, वहीं सख्ती से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को कम किया जा सकेगा।
