अयोध्या राम मंदिर में ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना: राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों रचा गया एक नया ऐतिहासिक अध्याय!

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण में एक और स्वर्णिम और आध्यात्मिक अध्याय जुड़ गया है। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर मंदिर के दूसरे तल पर अत्यंत विधि-विधान और अनुष्ठान के साथ ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना की है। इस गौरवशाली क्षण के दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे थे। राष्ट्रपति के इस विशिष्ट दौरे को मंदिर निर्माण (Temple Construction) की आधिकारिक पूर्णता की दिशा में अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राष्ट्रपति का भव्य स्वागत और रामलला के दर्शन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह विशेष विमान से महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (Maharshi Valmiki International Airport) पर पहुँची थीं, जहाँ उनका भव्य और पारंपरिक स्वागत किया गया था। हवाई अड्डे से वे सीधे राम जन्मभूमि परिसर पहुँचीं और वहां उन्होंने सबसे पहले मुख्य गर्भगृह में विराजमान रामलला के दर्शन किए और विशेष आरती संपन्न की थी। इसके पश्चात, मंदिर के सबसे ऊपरी यानी दूसरे तल पर ‘अभिजित मुहूर्त’ के दौरान वैदिक आचार्यों के दिव्य मंत्रोच्चारण के बीच ‘श्री राम यंत्र’ का पूजन किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं राष्ट्रपति को इस यंत्र की स्थापना प्रक्रिया और मंदिर की वास्तुकला (Architecture) से जुड़ी बारीकियों की विस्तृत जानकारी दी थी।

150 किलो का स्वर्ण जड़ित ‘श्री राम यंत्र’ और इसका महत्व

स्थापित किया गया ‘श्री राम यंत्र’ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसकी बनावट भी इसे विशिष्ट बनाती है। यह करीब 150 किलोग्राम वजन की एक वर्गाकार (Square) धातु की पट्टिका है, जिस पर शुद्ध सोने की मोटी परत चढ़ाई गई है। इस यंत्र पर प्राचीन वैदिक गणित के सिद्धांतों के आधार पर जटिल ज्यामितीय डिजाइन और शक्तिशाली ‘बीज’ मंत्रों को उकेरा गया है। शास्त्रों के अनुसार, यंत्र को देवताओं का निवास स्थान और आध्यात्मिक ऊर्जा (Spiritual Energy) का केंद्र माना जाता है। इस विशेष यंत्र को तमिलनाडु के कांची कामकोटि पीठ के स्वामी विजेंद्र सरस्वती के मार्गदर्शन में तैयार किया गया था और इसे तिरुपति देवस्थानम से अयोध्या लाया गया था।

मंदिर निर्माण कार्य हुआ पूर्ण: अयोध्या में उत्सव का माहौल

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आधिकारिक बयान में जानकारी दी है कि दूसरे तल पर इस स्वर्ण जड़ित यंत्र की स्थापना के साथ ही मुख्य मंदिर का संरचनात्मक कार्य अब पूर्ण रूप से संपन्न हो गया है। इस महत्वपूर्ण समारोह में मंदिर निर्माण के साक्षी रहे हजारों श्रमिकों, शिल्पकारों और देश के प्रमुख संतों को भी आमंत्रित किया गया था। राष्ट्रपति का यह दौरा उनके उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय प्रवास का हिस्सा है, जिसके तहत वे मथुरा और वृंदावन के धार्मिक कार्यक्रमों में भी शामिल होंगी। अयोध्या प्रशासन ने सुरक्षा (Security) के चाक-चौबंद इंतजाम किए थे और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। इस आयोजन के बाद पूरी अयोध्या नगरी उत्सव के उल्लास में डूबी नजर आ रही है।

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