निवेश के लिए जयपुर बना IPS अफसरों की पहली पसंद: पॉश इलाकों में फ्लैट्स और जमीन में करोड़ों का इन्वेस्टमेंट

जयपुर। राजस्थान के प्रशासनिक गलियारों में आईएएस अधिकारियों के बाद अब पुलिस बेड़े (IPS) की अचल संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक होने से हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान कैडर के 201 आईपीएस अधिकारियों ने 1 जनवरी 2026 तक की अपनी अचल संपत्ति का विवरण (IPR) साझा किया है। इस खुलासे में डीजी (DG) से लेकर आईजी स्तर के अधिकारियों के पास करोड़ों की संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है।

संजय और मालिनी अग्रवाल: पुलिस बेड़े का ‘पावर कपल’

संपत्ति के मामले में राजस्थान पुलिस के सबसे प्रभावशाली दंपतियों में शुमार संजय कुमार अग्रवाल और मालिनी अग्रवाल सबसे आगे नजर आ रहे हैं।

  • संजय कुमार अग्रवाल (DG, कानून-व्यवस्था): इनकी कुल अचल संपत्ति का वर्तमान मूल्य लगभग 11.50 करोड़ रुपये आंका गया है। इनके पास जयपुर में कृषि भूमि, आलीशान मकान, फ्लैट और भूखंड हैं। इनकी संपत्तियों की खरीद कीमत 6.39 करोड़ रुपये रही है और इनमें से एक संपत्ति पैतृक है।
  • मालिनी अग्रवाल (DG, गृह रक्षा): इनके पास जयपुर और जोधपुर में करोड़ों की अचल संपत्ति है। पति-पत्नी तीन आवासीय संपत्तियों में संयुक्त हिस्सेदार हैं। उनकी संपत्तियों का वर्तमान मूल्य (DLC दर पर) 1.34 करोड़ रुपये घोषित किया गया है।

दिग्गज अधिकारियों का नेटवर्थ

  • राजेश आर्य (NTRO अध्यक्ष): प्रतिनियुक्ति पर चल रहे 1994 बैच के आईपीएस राजेश आर्य के पास जयपुर और देहरादून में संपत्तियां हैं। उनकी कुल अचल संपत्ति का मूल्य 2.29 करोड़ रुपये है, जिससे उन्हें सालाना 11 लाख रुपये से अधिक की आय होती है।
  • सचिन मित्तल (जयपुर पुलिस कमिश्नर): 1996 बैच के आईपीएस सचिन मित्तल के पास जयपुर और नोएडा में कुल 3 फ्लैट हैं, जिनकी वर्तमान वैल्यू 1.74 करोड़ रुपये है।
  • गोविन्द गुप्ता (DG, ACB): एसीबी के मुखिया के पास जयपुर में 2 फ्लैट और 2 भूखंड हैं, जिनकी खरीद कीमत 1.61 करोड़ रुपये रही है।
  • अशोक कुमार राठौर (DG, जेल): इनके पास जयपुर, उदयपुर और राजसमंद में भूखंड, दुकान और जमीन है, जिसकी वैल्यू इन्होंने डीएलसी दर पर घोषित की है।

निवेश के लिए जयपुर पहली पसंद

दस्तावेजों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि अधिकांश आईपीएस अधिकारियों ने भविष्य के निवेश और सेवानिवृत्ति के बाद के निवास के लिए जयपुर को सबसे सुरक्षित माना है। राजधानी के पॉश इलाकों और प्राइम लोकेशन्स पर फ्लैट और जमीनों में भारी निवेश किया गया है।

पारदर्शिता के लिए सार्वजनिक होता है ब्यौरा

अखिल भारतीय सेवा नियमावली के तहत प्रत्येक अधिकारी को हर साल अपनी अचल संपत्ति का विवरण सरकार को देना अनिवार्य होता है। प्रशासनिक पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जाता है। राजस्थान के इन 201 अधिकारियों की पूरी सूची अब सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है।

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