जयपुर। प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बेरोजगारी को दूर करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत राज्य के 1 लाख से अधिक युवाओं को अपना खुद का व्यवसाय, व्यापार या विनिर्माण इकाई शुरू करने के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी योजना 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगी।
100% ब्याज अनुदान और सरकारी गारंटी
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि ऋण का 100 प्रतिशत ब्याज अनुदान राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी। इसके अलावा, ‘क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज’ (CGTMSE) शुल्क का पूरा भुगतान भी सरकार द्वारा किया जाएगा, जिससे युवाओं पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। युवा अपना नया उद्योग लगाने या पुराने उद्योग के विस्तार के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण ले सकेंगे। साथ ही, 15 लाख रुपये तक के कमर्शियल वाहन (ऑन-रोड) खरीदने के लिए भी इस ऋण सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है।
शैक्षणिक योग्यता के आधार पर ऋण की सीमा: सरकार ने अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता के आधार पर ऋण और अनुदान की सीमा तय की है:
- 8वीं से 12वीं पास युवा:
- सेवा व व्यापार क्षेत्र: अधिकतम 3.5 लाख रुपये का ऋण (10% या अधिकतम 35 हजार रुपये अनुदान)।
- विनिर्माण क्षेत्र: अधिकतम 7.5 लाख रुपये का ऋण और 10% अनुदान।
- उच्च शिक्षित और तकनीकी डिग्री धारक:
- सेवा व व्यापार क्षेत्र: अधिकतम 5 लाख रुपये का ऋण (10% या अधिकतम 50 हजार रुपये अनुदान)।
- विनिर्माण क्षेत्र: अधिकतम 10 लाख रुपये का ऋण और 10% अनुदान।
कौन उठा सकता है लाभ और कैसे करें आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह राजस्थान का मूल निवासी होना अनिवार्य है। आवेदक किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।
आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। युवा अपनी SSO ID के माध्यम से सीधे या ई-मित्र की मदद से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, जन आधार, पैन कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, बैंक विवरण और प्रोजेक्ट रिपोर्ट जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।
