जयपुर | राजस्थान के शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों के लिए बरसों से चले आ रहे पुराने सिस्टम में बड़ा बदलाव कर दिया है। नए प्रावधान के तहत अब सीबीएसई (CBSE) या अन्य बोर्ड से संबद्ध निजी स्कूलों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित करने के लिए केवल एनओसी (NOC) से काम नहीं चलेगा। अब इन स्कूलों को राज्य सरकार से कक्षा स्तर के अनुसार आधिकारिक मान्यता या ‘क्रमोन्नति’ लेना अनिवार्य होगा।
अगले सत्र से लागू होगा नियम, 1000 स्कूल प्रभावित माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह नियम अगले शैक्षणिक सत्र से प्रभावी होगा। इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के करीब 1000 निजी स्कूलों पर पड़ेगा। यदि कोई स्कूल इस आदेश की पालना नहीं करता है, तो विभाग द्वारा पहले से जारी की गई एनओसी वापस ले ली जाएगी। यह नियम पहले से संचालित स्कूलों पर भी लागू होगा।
क्या था अब तक का सिस्टम? अब तक के प्रावधान के अनुसार, शिक्षा विभाग स्कूलों को कक्षा 8वीं तक की मान्यता देता था। इसके बाद अन्य बोर्ड (जैसे CBSE) से संबद्धता लेने के लिए विभाग केवल एनओसी जारी करता था। एनओसी मिलने के बाद स्कूल स्वतंत्र रूप से 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित कर लेते थे, लेकिन अब उन्हें राज्य स्तर पर भी क्रमोन्नति की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
निजी स्कूल संचालकों ने जताई आपत्ति सरकार के इस फैसले का निजी स्कूल संचालकों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। ‘सोसाइटी फॉर अनएडेड स्कूल्स’ के अध्यक्ष दामोदर गोयल का कहना है कि यह आदेश ‘राजस्थान गैर-सरकारी शिक्षा संस्थान अधिनियम 1989’ का खुला उल्लंघन है। संचालकों के अनुसार, अधिनियम में एनओसी जारी करने या वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने आशंका जताई है कि इस नए नियम से शिक्षा विभाग में ‘निरीक्षक राज’ और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।
