जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राजस्थान में एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु व सामान्य बनी हुई है। बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक विशेष बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि गैस वितरण व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए राज्य और जिला स्तर पर तुरंत कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं। नागरिक आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सभी कार्मिकों के अवकाश भी तुरंत प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से एलपीजी गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों पर पैनी नजर रखने को कहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कहीं भी ऐसी गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति या एजेंसी के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जिला कलेक्टरों को स्वयं निरीक्षण कर निरंतर मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने भ्रामक जानकारियों और अफवाहों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे तत्वों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी जो जनता के बीच भय का माहौल पैदा कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न माध्यमों से आमजन तक एलपीजी की उपलब्धता की आधिकारिक जानकारी समय-समय पर पहुंचाई जाए। इसके साथ ही, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए गैस सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों और वितरकों के साथ बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखे हुए है और प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित है। किसी भी समस्या या शिकायत के लिए नागरिक सरकारी हेल्पलाइन नंबर 181 और 112 की सहायता ले सकते हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी प्रदान करने के लिए विभागों और तेल कंपनियों की संयुक्त टीमें गठित की जा रही हैं, और वर्तमान में डीएसी (DAC) प्रमाणीकरण के माध्यम से उपभोक्ताओं को घर पर ही सिलेंडर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
