पापमोचनी एकादशी 2026: संवत वर्ष की अंतिम एकादशी 15 मार्च को; जानें व्रत के नियम और पारण का सटीक समय

जयपुर: होलिका दहन और चैत्र नवरात्रि के मध्य आने वाली पापमोचनी एकादशी इस वर्ष 15 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत सभी पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है। यह विक्रम संवत 2082 की अंतिम एकादशी है, क्योंकि इसके बाद 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि के साथ नए हिन्दू वर्ष (संवत 2083) का आगाज़ होगा।

तिथियां और शुभ मुहूर्त (2026)

पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 14 मार्च 2026 को सुबह 08:10 बजे होगी और इसका समापन 15 मार्च को सुबह 09:16 बजे होगा। चूंकि उदया तिथि 15 मार्च को मिल रही है, इसलिए अधिकतर श्रद्धालु इसी दिन व्रत रखेंगे。

पारण का महत्व और समय

एकादशी व्रत के पूर्ण फल के लिए ‘पारण’ (व्रत खोलना) का विशेष महत्व है。 पारण हमेशा द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले और सूर्योदय के बाद किया जाना चाहिए。

  • पारण तिथि: सोमवार, 16 मार्च 2026।
  • शुभ समय: सुबह 06:30 बजे से सुबह 08:54 बजे के बीच。
  • हरि वासर का अंत: 16 मार्च को सुबह 09:40 बजे।

विशेष नियम:

भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे पारण के समय ‘हरि वासर’ (द्वादशी की पहली चौथाई अवधि) का ध्यान रखें。 साथ ही, मध्याह्न (दोपहर) के दौरान व्रत खोलने से बचना चाहिए; यदि सुबह संभव न हो तो मध्याह्न के बाद ही पारण करना उचित रहता है。

किसे कब रखना चाहिए व्रत?

एकादशी का व्रत कई बार दो दिनों तक चलता है।

  1. स्मार्त (परिवारजन): इन्हें पहले दिन (15 मार्च) व्रत रखना चाहिए。
  2. दूजी एकादशी/वैष्णव एकादशी: सन्यासियों, विधवाओं और मोक्ष की इच्छा रखने वाले भक्तों को दूसरे दिन वाली एकादशी का व्रत करना चाहिए।
  3. परम भक्त: भगवान विष्णु के अनन्य भक्त जो उनका विशेष स्नेह पाना चाहते हैं, उन्हें दोनों दिन व्रत करने की सलाह दी जाती है。

धार्मिक महत्व

उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त पञ्चाङ्ग के अनुसार यह चैत्र मास में और दक्षिण भारतीय अमान्त पञ्चाङ्ग के अनुसार फाल्गुन मास में पड़ती है। यह एकादशी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पुराने वर्ष के कर्मों के शुद्धिकरण और नए वर्ष (युगादी) के स्वागत का प्रतीक है।


पारण समय सारिणी (Quick View)

विवरणतिथि और समय
एकादशी तिथि प्रारंभ14 मार्च 2026, 08:10 AM
एकादशी तिथि समाप्त15 मार्च 2026, 09:16 AM
पारण मुहूर्त (16 मार्च)06:30 AM से 08:54 AM
द्वादशी समाप्ति (पारण अंत)16 मार्च 2026, 09:40 AM

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